उत्तर प्रदेश में ज़िला है हरदोई. यहां कुछ लोगों ने एक मंदिर में तो’ड़फो’ड़ की. शिवलिंग को ही च’कनाचूर कर दिया. आ’रोप लगा बीजेपी नेता अरुण मौर्या पर. अरुण हरदोई के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के अध्यक्ष हैं. को-ऑपरेटिव सोसाइटी उपभोक्ता भंडार के भी अध्यक्ष हैं. आ’रोप लगने के बाद ज’मकर ब’वाल हुआ, जिसके बाद बीजेपी ने अरुण को पार्टी से नि’लंबित कर दिया.हरदोई के सुभाष नगर में एक दुर्गा मंदिर है.
अब जैसे हमारे यहां के बाकी मंदिरों में होता है कि एक मंदिर में सारे भगवान की मूर्ति लगा दी जाती है. वैसा ही कुछ सीन यहां पर भी था. दुर्गा मंदिर में भी कई सारे भगवान की मूर्तियां थीं. और इनमें शिवलिंग भी शामिल थी.इस मंदिर के बगल वाली ज़मीन पर एक छोटा सा आश्रम जैसा कुछ बना हुआ है. ये कुशवाहा समाज के लोगों का है. टाइम-टाइम पर ये लोग यहां पर मीटिंग करते रहते हैं. 15 सितंबर के दिन भी इस आश्रम में कुशवाहा समाज के लोग मीटिंग कर रहे थे, अरुण मौर्या की अध्यक्षता में. बीच बातचीत के दौ’रान एक मुद्दा उठा. ये कि मंदिर में भगवान बुद्ध की मूर्ति भी लगाई जाए.

धीरे से बहस बढ़ गई. और कुछ लोगों ने मंदिर में स्थापित शिवलिंग को तो’ड़ दिया. हं’गामा मच गया.मंदिर के आसपास रहने वाले लोगों ने पुलिस को जानकारी दे दी. लोगों ने अरुण मौर्या के ऊपर आ’रोप लगाए. क्योंकि मीटिंग उन्हीं की अध्यक्षता में चल रही थी. इस माम’ले में पुलिस ने अरुण मौर्या समेत चार नामजद लोगों के खि’लाफ के’स द’र्ज किया. और 200 अज्ञा’त लोगों के खि’लाफ भी माम’ला द’र्ज किया. दो लोगों की गि’रफ्तारी हो चुकी है. अरुण मौर्या गि’रफ्तार नहीं हुए हैं. लेकिन लोगों के वि’रोध के चलते बीजेपी ने उन्हें नि’लंबित कर दिया है.अरुण का कहना है कि वो अध्यक्षता कर रहे थे, लेकिन शिवलिंग उन्होंने नहीं तोड़ा है. उनका ये कहना है कि मंदिर में दोबारा शिवलिंग स्थापित किया जाएगा, लेकिन अभी पितर पक्ष चल रहा है इसलिए कोई शुभ काम नहीं कर सकते. पितर पक्ष के बाद स्थापना होगी.


