#UP #INDIA: कई दिनों की जद्दोजहद के बाद अंतत: यौ’न शो’षण के आ’रोपी स्वामी चिन्मयानंद को शुक्रवार सुबह गि’रफ्तार कर लिया गया। चिन्मयानंद को उनके ही कॉलेज की छात्रा और उसके पिता द्वारा द’र्ज कराए गए यौ’न उ’त्पीड़न और दु’ष्कर्म के मामले में गि’रफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी स्वामी के ही मुमुक्ष आश्रम से हुई बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि एसआईटी टीम ने यूपी पुलिस के साथ मिलकर चिन्मयानंद को शुक्रवार सुबह उनके मुमुक्षु आश्रम से गि’रफ्तार किया गया है। समाचार एजेंसी ने गि’रफ्तारी की तस्वीरें भी जारी की हैं।
सूत्रों के मुताबिक, “गि’रफ्तारी एसआईटी की टीम द्वारा की गई है। गि’रफ्तारी से पूर्व चिन्मयानंद के सहयोगियों और समर्थकों ने खासा वि:रोध भी किया। पहले से हर बाधा से निपटने को तैयार एसआईटी ने मगर चिन्मयानंद की गिरफ्तारी के वि’रोध को विफल कर दिया।”

फिलहाल एसआईटी आ:रोपी से पूछताछ में जुटी है। गौरतलब है कि कई दिन से एसआईटी की जांच पर सवालिया निशान लगाए जाने लगे थे। वजह थी तमाम गवाह सबूतों की मौजूदगी के बाद भी आरोपी स्वामी की गि’रफ्तारी न होना।
दो दिन पहले ही पी’ड़िता ने अदालत में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराए थे। तभी आशंकाएं प्रबल होने लगी थीं कि, चिन्मयानंद की गि’रफ्तारी कभी भी हो सकती है। उधर पी:ड़िता के अदालत में बयान दर्ज कराते ही आरोपी चिन्मयानंद कथित बीमारी के चलते अस्पताल में भतीर् हो गया था।

दूसरी ओर स्वामी को गि’रफ्तार न किए जाने से नाराज पीड़ित छात्रा ने कुछ घंटे पहले ही धमकी दी थी कि अगर आ’रोपी अब भी गि’रफ्तार नहीं किया गया तो वो आत्महत्या कर लेगी। सूत्र बताते हैं कि पी’ड़िता की इस धमकी के बाद ही एसआईटी की जांच में अचानक तेजी आ गई। जिसका परिणाम एसआईटी द्वारा स्वामी की गि’रफ्तारी के रूप में सामने आया है।

गौरतलब है कि, स्वामी पर उनके ही कॉलेज में पढ़ने वाली कानून की एक छात्रा ने दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की दो सदस्यीय विशेष पीठ गठित करवा कर पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने का निदेर्श दिया था। स्वामी को गि’रफ्तार करने वाली एसआईटी टीम का नेतृत्व यूपी पुलिस के महानिरीक्षक नवीन अरोरा कर रहे हैं।


