#PATNA #BIHAR #INDIA : सुशील कुमार मोदी, माननीय उपमुख्यमंत्री, बिहार के प्रेस वार्ता के मुख्य बिन्दु :-
* कोई भी घरेलू कम्पनी यदि किसी प्रोत्साहन का लाभ नहीं ले रही है तो वह 22 प्रतिशत की दर से आयकर का भुगतान करेगी। अभी यह दर 30 प्रतिशत थी।
* सरचार्ज और सेस को जोड़ने के बाद प्रभावी आयकर 25.17ः होगा।
* ज्ञातव्य है कि 1991-92 में प्रभावी आयकर (Effective Corporate Tax) 57.5%, 2001.02 में 36.75% , 2011-12 में 34.9 % तथा अब 2019-20 में 25.17% है।
* उदाहरण – 100 करोड़ मुनाफा कमाने वाली कम्पानी पहले 34.94 करोड़ टैक्स देती थी, अब 25.17 करोड़ टैक्स देगी। यानि 9.77 करोड़ की बचत होगी।
* 1 अक्टूबर, 2019 से उत्पादन में आने वाली कम्पानियों को मात्र 15 प्रतिशत और सरचार्य ़ सेस जोड़कर 17.01 प्रतिशत आयकर देना होगा जहाँ पहले 29.12ः यानि 10-12ः की देनदारी कम होगी।
* जो कम्पनियाँ छूट/प्रोत्साहन प्राप्त करना जारी रखते है। उनके लिए न्यूनतम वैकल्पिक कर (Minimum Alternate Tax) 18.5 से घटाकर 15% कर दी गयी है तथा छूट/प्रोस्साहन प्राप्त नहीं करने वाली कम्पनियों को MAT से मुक्त कर दिया गया है।
* कैपिटल गेन टैक्स (Capital Gain tax) से सरचार्ज हटाने की घोषणा।
* शेयरों को पुनर्खरीद (Buy back of shares) की घोषणा 5 जुलाई, 2019 से पहले करने वाली कम्पनियों के पुनर्खदीद पर टैक्स नहीं लगेगा।
* कम्पनियाँ अब 2 प्रतिशत CRS फंड का इस्तेमाल IIT, विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों में शोध कार्यो के लिए कर सकेंगे।

विगत एक माह में अर्थव्यवस्था सुधार हेतु सरकार द्वारा दिये गए महत्वपूर्ण निर्णय
* सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों का विलय कर 4 बैंक बनाना। 2017 में जहाँ 27 बैंक थे अब 12 रह जाएगें।
* सरकार बाजार में 5 लाख करोड़ के ऋण प्रवाह हेतु बैंकों को 70 हजार करोड़ देगें ताकि खुदरा व्यापारी,MSEM काॅरपोरेट को लाभ मिले।
* रिवर्ज बैंक के रेपो रेट (Repo rate) को ब्याज दर से जोड़ा जाता ताकि आवासन ऋण, वाहन एवं अन्य खुदरा ऋणों कार्यशील पूँजी की EMI कम हो सके।
* घर, वाहन, उपभोक्ता वस्तुओं की खरीद को प्रोत्साहित करने हेतु Housing Finance Corporation को 30 हजार करोड़ तथा NBFC को भी वित्तीय सहायता।
* 45 लाख तक के घर के लिए 31 मार्च, 2020 तक के लिए गए ऋणों के ब्याज पर डेढ़ लाख रूपये तक की छूट।
* 31 मार्च, 2012 तक संकटग्रस्त MSME’S को NPA घोषित नहीं किया जायेगा।

काॅरपोरेट टैक्स में कटौती के फायदे
* काॅरपोरेट टैक्स के मामले में भारत दुनिया में सबसे अधिक टैक्स रेट वाला देश था। परिणामतः निर्यात (Export), तथा आर्थिक वृद्धि प्रभावित होत थी तथा वैश्विक कम्पनियों से प्रतिस्पर्धा में हम पिछड़ रहे थे।
* अमेरिका-चीन के बीच चल रहे Trade War के कारण चीन से बड़ी संख्या में कम्पनियाँ पलायन कर वियतनाम, थाइलैंड आदि देश जहाँ काॅरपोरेट टैक्स की दर काफी कम है वहाँ स्थापित हो रही है।
* काॅरपोरेट टैक्स की दर को 15 प्रतिशत लाने से चीन (25 प्रतिशत), वियतनाम (20 प्रतिशत), USA की तुलना में निवेश भारत लाना आसान है।

ग्राहक मेला शिविर: 2 से 7 अक्टूबर
* बैंकों द्वारा देश के 400 जिलों में ‘ग्राहक मेला शिविर’ दो चरणों में आगामी त्यौहार के मौसम में लगाया जाएगा।
* जहाँ लोगों को खूदरा, कृषि, वाहन, घर, लघू एवं कुटीर उद्योग, शिक्षा, व्यक्गित उपभोक्ता ऋण संबंधी जानकारी एवं ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
* पहले चरण में 3 से 7 अक्टूबर के दौरान 250 जिलों तथा दूसरा चरण में 150 जिलों में 19 से 21 अक्टूबर के बीच शिविर लगाया जाएगा।
* पहले चरण में बिहार के मुजफ्फरपुर, मधेपुरा, शेखपुरा, दरभंगा, कटिहार, गया, नवादा, पटना, पूर्णिया, सुपौल, बेगूसराय, समस्तीपुर जिला में शिविर का आयोजन किया जाएगा।
