#BIHAR #INDIA : पटना के नगर आयुक्त जज की भी नहीं सुनते हैं तो आम लोगों की वह क्या सुनेंगे। यह टि’प्पणी शुक्रवार को जलजमाव पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने निगम के वकील प्रसून सिन्हा से कहा कि आपके निगम आयुक्त को जब फोन कर नाला ओवरफ्लो तथा जाम की शिकायत की जाती है तो वे सुनते ही नहीं हैं। शुक्रवार को न्यायमूर्ति शिवाजी पांडेय तथा न्यायमूर्ति पार्थ सारथी की खंडपीठ ने एक साथ आधे दर्जन मामलों की सुनवाई की। कहा, सरकार तथा निगम तीन सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दायर करे।

साथ ही युद्ध स्तर पर शहर की साफ-सफाई का काम कराए। कोर्ट ने डेंगू की रोकथाम के लिए समुचित फॉगिंग करने को कहा। कोर्ट ने कहा कि गंदगी फैलाने वाले लोगों पर क्यों नहीं निगम जुर्माना लगाता है। मामले की अगली सुनवाई 25 अक्टूबर होगी।

इससे पूर्व महाधिवक्ता ललित किशोर ने कहा कि जो अधिकारी दोषी हैं तो उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी ही चाहिए लेकिन इसके साथ ही गंदगी फैलाने वाले आम लोगों को भी बख्शा नहीं जाए। अकेले निगम के काम करने से शहर साफ-सुथरा नहीं होगा। लोगों को सहयोग करना ही होगा। ज्यादातर इलाको में सफाई कर्मी द्वारा सफाई करने के बाद लोग सड़क पर कचरा डाल देते हैं। उन्होंने कोर्ट को बताया कि सरकार जलजमाव को दूर करने का हर संभव प्रयास कर रही है।

कोर्ट ने ये आदेश दिए
जलजमाव की समस्या को जल्द दूर करें
डेंगू से बचाव का समुचित उपाय करें
छठ को देखते हुए युद्ध स्तर पर सफाई अभियान चलाएं
बिना देरी के हर क्षेत्र से कचरे का उठाव करें
निगम के प्रत्येक वार्ड के अधिकारियों का फोन नंबर सार्वजनिक करें
