#BIHAR #INDIA : बिहार-संस्कृत संजीवन समाज, पाटलिपुत्रा संस्कृत संक्ष्थानम् तथा समग्र-विकास संस्थान पटना के तत्वावधान में आज कालिदास रंगालय पटना में सिद्धेश्वर ओझा स्मृति संस्कृत सम्मान समारोह का उद्घाटन करते हुए बिहार विधान सभा के पूर्व उपाध्यक्ष श्री अमरेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि संस्कृत अत्यन्त सरल एवं सर्वजन सुलभ भाषा के रूप में प्रतिष्ठित है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि की भूमिका का र्निवाहन करते हुए पटना दूरदर्शन के निदेशक डाॅ॰ राजकुमार नाहर ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्कृत भारत की आत्मा है। इसके बिना भारतीय संस्कृति की कल्पना भी संभव नहीं।

स्वागत अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्कृत संजीवन समाज के महासचिव तथा स्व॰ सिद्वेश्वर ओझा के सुपुत्र डाॅ॰ मुकेश कुमार ओझा ने कहा कि संस्कृत पढ़ने एवं पढ़ाने की प्रेरणा मुझे माता-पिता से ही प्राप्त मिली है। उस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित पटना विश्वविद्यालय के पूर्व संस्कृत विभागध्यक्ष प्रो॰ रामविलास चैधरी श्री शिवाकांत तिवारी डाॅ॰ दिनेश चंद्र झा, डाॅ॰ दीपक कुमार तथा डाॅ॰ मीनाक्षी पाठक ने कहा कि संस्कृत के मूर्धन्य विद्वान स्व॰ सिद्धेश्वर ओझा संस्कृत के प्रति समर्पित व्यक्ति थे। अन्य अतिथियों में श्री शैलेन्द्र ओझा, श्री महेन्द्र ओझा तथा डाॅ॰ रामनारायण सिंह ने भी अपने व्यक्तब्य दिये।

इस अवसर पर अपने अध्यक्षीय भाषण में पटना उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री अवध बिहारी ओझा ने कहा कि स्व॰ सिद्धेश्वर ओझा ने संस्कृत के महत्व को समझते हुए आजीवन संस्कृतोद्वार ही अपना ध्येय बनाये रखा। मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित डाॅ॰ धीरेन्द्र झा, डाॅ॰ कुसुमाकर दूबे, डाॅ॰ अनिल कुमार चैबे, डाॅ॰ रागनी वर्मा, डाॅ॰ अनिल कुमार तिवारी तथा डाॅ॰ सुलोचना ने भी अपने पारगर्मित विचार रखे तथा संस्कृत भाषा की महानता पर चर्चा करते हुए इसके प्रचार-प्रसार पर बल दिए।

ज्ञातव्य हो की प्रत्येक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी पूरे पटना शहर में 5 केन्द्रों पर संस्कृत प्रतियोगिता निर्गत 01 सितम्बर को आयोजित की गई थी जिसमें लगभग-लगभग 35 विद्यालयों तथा कोचिंग संस्थानों के 1000 छात्रों ने भाग लिया था। उन छात्रों की प्रतियोगिता दो वर्गों (पंचम से अष्टम तथा नवम् से इंटर) में आयोजित की गई थी। प्राप्तांग के आधार पर दोनों वर्गों के प्रथम है 10 स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को क्रमशः 1500 , 1000, 500, 350, 250 तथा दो-दो सौ रूपये की नगद राशि से सम्मानित किया गया। साथ ही ट्राॅफी तथा प्रमाण पत्र भी प्रदान किये गये। पुरस्कार प्राप्त करने वालों में ग्रुप ‘ए’ से प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय पुरस्कार पाने वाले थे एम॰डी॰एस॰ स्कुल के हरियोम पाण्डेय, वास्कोल्स एकेडमी की कृतिका कौण्डिल्य तथा मिल्की वेज की रीमा कुमारी। गु्रप ‘बी’ के पुरस्कार प्राप्तकत्र्ता थे क्रमशः बाल संस्कार शाला की काजल कुमारी एम॰डी॰एस॰ इंटरनेशनल के आनंद कुमार तथा संतजोसेफ हाईस्कुल के अनुराग अमन।
इस विस्तृत आयोजन में उकृष्ट योग्दान के लिए संत जोसेफ हाईस्कुल, दुनंस पब्लिक स्कूल, एम॰डी॰एस॰ इंटरनेशनल, केशव विद्यामंदिर, संत इंटरनेशनल स्कूल, बाल संस्कार शाला, एकता टूटोरियल, ज्ञान गंगा कोचिंग सेन्टर, मार्डन स्टडी सेन्टर और वीर सावरकर विद्या मंदिर को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डाॅ॰ मिथिलेश झा तथा धन्यवाद ज्ञांपन डाॅ॰ सुशील कुमार ने किया


