#PATNA #BIHAR #INDIA : डें’गू को लेकर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी ला’परवाही सामने आई है। सिविल सर्जन का दावा है कि जिले के हर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को आदेश दिया गया है कि वे रोगी कल्याण समिति के मद से रैपिड किट खरीदकर डेंगू की प्राथमिक जांच करें। इसके अलावा हर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को दस-दस रैपिड किट भेजी भी गई हैं। जब हिन्दुस्तान स्मार्ट के 13 रिपोर्टर ने 13 स्वास्थ्य केंद्रों की पड़ताल की तो चौंकाने वाली हकीकत सामने आई। हर स्वास्थ्य केंद्र में डेंगू के मरीज पहुंच रहे हैं लेकिन उनकी जांच ही नहीं हो पा रही, क्योंकि रैपिड किट आज तक कुछ जगहों पर पहुंची ही नहीं है। मजबूरी में उन्हें निजी पैथोलॉजी या पीएमसीएच के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

ये होती है रैपिड किट
रैपिड किट डेंगू की प्रारंभिक जांच के लिए होती है। किट दो पार्ट में होती है। इसके साथ एक केमिकल भी आता है। एनएस-1 में खून के साथ केमिकल डालने के बाद दो लाल लाइन बनने पर डेंगू की प्राथमिक पुष्टि हो जाती है।
आनन फानन में हो गई खरीद
डेंगू के मामले बढ़ते ही स्वास्थ्य विभाग ने आनन-फानन में स्थानीय स्तर पर रैपिड किट की खरीदारी करने के आदेश दिए। कुछ स्वास्थ्य केंद्रों पर न तो यह खरीदी गई और न स्वास्थ्य विभाग ने पहुंचाई।

गर्दनीबाग पटना का प्रमुख सरकारी अस्पताल है। यहां रोज ओपीडी में 400 से अधिक मरीज आते हैं। इसमें से 20-50 मरीजों में डेंगू की संभावना बताकर जांच के लिए निजी पैथोलॉजी भेजा जा रहा है। पूछने पर पता चला कि यहां आज तक रैपिड किट पहुंची ही नहीं है। यही हाल न्यू गार्डेनर अस्पताल का है। यहां भी ओपीडी में रोज 200-300 मरीज आते हैं, इसमें 10 प्रतिशत मरीज डेंगू के चिन्हित होते हैं, लेकिन किट न होने के कारण उनकी डेंगू की जांच नहीं हो पाती है।
यहां नहीं हो रही डेंगू की जांच
– दुल्हिन बाजार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
– बख्तियारपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
– न्यू गार्डेनर रोड हॉस्पिटल
– पालीगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
– गर्दनीबाग अस्पताल
– मोकामा रेफरल अस्पताल
– घोसवरी अस्पताल
– मरांची प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
– शालिनपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
– मंझौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
– सिरसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
– दानापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
– अथमलगोला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र

सभी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डेंगू की जांच किट उपलब्ध करवाई गई है। मरीजों को लेकर निरीक्षण भी किया जा रहा है।