#BIHAR #INDIA : राज्य के पूर्व मंत्री एवं बिहार नव निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने समारोह के मुख्य अतिथि पद से राज्य के मनरेगा मजदूर विकास संगठन के मजदूरों के समारोह का उद्घाटन किया।उन्होंने मजदूरों एवं प्रभारियों को संबोधित करते हुए राज्य के 2 करोड़ 40 लाख मजदूरों की दु:स्थिति के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह योजना महात्मा गांधी के नाम पर चलता है फिर भी इसमें केवल झूठ ही झूठ है।पूर्व कृषि मंत्री श्री सिंह ने मनरेगा मजदूरों को खेती से जोड़ने पर बल दिया ।उन्होंने कहा कि इन्हें खेतों में काम लगा दिया जाय तो उन्हें काम भी मिलेगा और उत्पादन भी बढ़ेगा।तब देश समृद्ध होगा। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुरूप मनरेगा व दिहाड़ी मजदूरों की मजदूरी का भुगतान किए जाने की मांग की।उन्होंने प्रधान मंत्री से विदेशों के दौरा करने के बजाय देश व राज्य की बेरोजगारी दूर करने की मांग की है।श्री सिंह ने केंद्र सरकार की निजीकरण की नीति की निंदा करते हुए कहा कि इसे यदि बैंन नहीं किया गया तो एक बड़ी व लंबी लड़ाई लड़नी पड़ेगी।उन्होंने कहा कि यदि आज गांधी होते तो मिट्टी के वर्तन दिखते स्टील के नहीं।उन्होंने कहा कि आज स्वावलंबन की जगह मशीनों ने ले लिया है।उन्होंने मजदूरों से संघर्ष का आह्वान करते हुए कहा कि हम आपके साथ हैं।
इस अवसर पर श्री सिंह का संगठन की ओर से भब्य स्वागत किया गया।मजदूरों द्वारा किये गए स्वागत से श्री सिंह भाव विह्वल हो गए। पत्रकार सह संगठन के संरक्षक शशिभूषण प्रसाद सिंह ने मजदूरों की सभा में मुख्य अतिथि नरेन्द्र सिंह का हार्दिक स्वागत किया तथा केंद्र एवं राज्य सरकार से मनरेगा मजदूरों को वर्ष में ढाई सौ दिन काम देने व साढ़े तीन सौ रुपया।


