#PATNA : 8 नवंबर से गांधी मैदान में पुस्तक मेले की होने जा रही है शुरुआत

#PATNA #BIHAR #INDIA : पुस्तक प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। उनका इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। आठ नवंबर से गांधी मैदान में पटना पुस्तक मेले की शुरुआत होने जा रही है। 18 नवंबर तक चलनेवाले इस पुस्तक मेले में कुल 110 प्रकाशक आ रहे हैं। ये बातें मेला परिसर में बुधवार को आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान मेले के आयोजकों ने दी। मेले का उद्घाटन 8 नवंबर को शाम चार बजे होगा। इस बार स्कूल के प्रिंसिपल गण मेले का उद्घाटन करेंगे। सीआरडी के अध्यक्ष व चर्चित लेखक रत्नेश्वर ने बताया कि इस बार भी पटना पुस्तक मेले में देशभर की चर्चित हस्तियां शामिल होंगी। कई बड़े साहित्यकार-पत्रकार-सामाजिक कार्यकर्ता मेले में आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि जल पुरुष राजेंद्र सिंह, सामाजिक कार्यकार्ता मेधा पाटकर, कलाकार उषा उथूप सहित कई बड़े लोग आएंगे। बिहार के भी लगभग सभी बड़े साहित्यकार, कवि, पत्रकार मेले में पुस्तक प्रेमियों से रू-ब-रू होने जा रहे हैं।

हर दिन होंगे कार्यक्रम
जनसंवाद भी होगा और गपशप भी होगी। कॉफी हाऊस वाली फिलिंग भी आएगी और रंगभूमि का आनंद भी मिलेगा। पुस्तक मेले में हर दिन साहित्यिक-सांस्कृतिक गतिविधियां होंगी। अमित झा ने बताया कि ‘जनसंवाद’ कार्यक्रम में ‘तपती धरती, घटता पानी’ विषय पर जलपुरुष राजेंद्र सिंह, त्रिपुरारी शरण और मेहता नागेंद्र के बीच परिचर्चा होगी, तो ‘गपशप’ कार्यक्रम में मेधा पाटकर के साथ पेड़, पानी, जिंदगी पर आशीष रंजन की बातचीत होगी। ‘कॉफी हाउस’ कार्यक्रम में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सुप्रिय प्रसाद रहेंगे, ‘बातचीत’ कार्यक्रम में ‘हिंदी और क्राइम फिक्शन’ विषय पर पत्रकार संजीव पालीवाल से बातचीत होगी। मेले परिसर में हर दिन नुक्कड़ नाटक भी देखने को मिलेंगे।

पेड़, पानी, जिंदगी
प्रेसवार्ता में अमित झा ने बताया कि इस बार मेले की थीम पेड़, पानी, जिंदगी है। इसलिए पूरे मेले परिसर को हरे-भरे पेड़-पौधों से सजाया जा रहा है। और तो और सभी आयोजन स्थलों का नाम भी पेड़-पौधों पर ही रखा गया है जैसे- पीपल प्रशासनिक भवन, तुलसी मुक्ताकाश, आम सभागार, बरगद रंगभूमि। इसी तरह मेले परिसर के सभी छह प्रखंडों का नाम क्रमश: नीम, सेमल, पलाश, गुलमोहर, कदम्ब और अशोक रखा गया है। मेले में हर तरफ पेड़-पौधे भी रहेंगे। मेले के मुख्य द्वार का नाम इस बार राजेश कुमार स्मृति द्वार रखा गया है, जो मेले के चार संस्थापकों में से एक थे।

पटना पुस्तक मेले आएंगे
– प्रकाशक- हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी के कुल 110 प्रकाशक
– चर्चित हस्तियां- सामाजिक कार्यकत्र्ता मेधा पाटकर, जल पुरुष राजेंद्र प्रसाद, चर्चित गायिक उषा उथूप, चर्चित पत्रकार सुप्रिय प्रसाद, संजय पालीवाल आदि
– मेले में इन विषयों पर भी होगी चर्चा
– किन्नर समाज और साहित्य – थर्ड जेंडर रवीना बरिहा और रेशमा प्रसाद
– दलित काव्य की दृष्टि -जयप्रकाश करदम, मुसाफिर बैठा और कर्मानंद आर्य

– कविता और हमारा समाज- गंगा प्रसाद विमल, अरुण कमल और मुकेश प्रत्यूष
– स्त्री नेतृत्व की देह बाधा- सुधा सिंह, योगिता यादव, निवेदिता झा
– कथावाचन का वर्तमान- डॉ. उषा किरण खां, सलीम आरिफ और संतोष दीक्षित
– प्रेम गली अति सांकरी- अवधेश प्रीत, शिवदयाल और अनुशक्ति सिंह
– साहित्य और धर्म- अब्दुल बिस्मल्लाह, तरुण कुमार और प्रेम कुमार मणि।
– संस्कृतिकर्मी और साहित्यकार- डॉ. शांति जैन के साथ डॉ. किशोर सिन्हा की बातचीत।
– यात्रा- फणीश सिंह और शैलेश्वर सती प्रसाद।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading