मेरे जीवन का उद्देश्य पूरा हो गया – ऋतंभरा

राम मंदिर आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली साध्वी ऋतंभरा ने कहा है कि इस फैसले से वह बहुत आनंदित हैं। उन्होंने कहा कि उनके जीवन का उद्देश्य पूरा हो गया है। एक कविता सत्य की ही जीत है फिर से रहेगी, रवि उदय पर रात यह खुद ही कहेगी से उन्होंने वीडिओ संदेश जारी किया है। ऋतंभरा ने कहा है कि इतना बड़ा परिश्रम इतना बड़ा तप प्रभु राम की कृपा से ही संभव हो पाया। प्रभु राम की कृपा से ही यह स्थान भव्य मंदिर के लिए प्रशस्त हुआ है। मैं राम लला को बधाई देती हूं, क्योंकि रामलला वर्तमान सारे पक्ष में से ऐसे उभरे हैं, आज दिल्ली के अंदर न धुंध है, न कुहरा और न ही कोई कुहासा है। सूर्य नारायण आसमान में साफ दिख रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह सूर्यवंशी रामलला के भव्य मंदिर बनने के प्रशस्ति में सूर्यनारायण भी आज साक्षी बने हैं। साध्वी ऋतंभरा ने देश को बहुत-बहुत बधाई देते हुए निवेदन किया है कि अपनी प्रसन्नता उन्माद नहीं बननी चाहिए। उन्होंने मुस्लिम समाज से भी निवेदन किया है कि हमारे पुरखे प्रभु राम ही हैं, उन्हीं से जुड़कर हमारा कल्याण होगा। ये जीत है न हार है, ये तो सत्य की स्थापना है। साध्वी ने कहा कि बहुत लंबी लड़ाई लड़ी गई। हमारे पुरखों ने लड़ाई लड़ी, हमारे सामने इतना संघर्ष हुआ। मैं इस संघर्ष की साक्षी भी रही हूं। संघर्ष की छोटी सी गिलहरी भी रही हूं। साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि मुझे लगता है मेरे जीवन का उद्देश्य पूरा हो गया, मैं धन्य हो गई, कृतार्थ हो गई।


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