#BIHAR #INDIA : पटना हाईकोर्ट स्थित हजरत शहीद सैयद गुलाम सफदर पीर मुराद रहमतुल्ला के सालाना उर्स के तीसरे दिन कव्वाली मुकाबला रात भर चलता रहा। महिला-पुरुष दोनों कव्वालों के बीच हुए मुकाबले में लोग झूमते रहे। कानपुर की मशहूर कव्वाल रौनक परवीन ने शुरुआत में ही लोगों को झूमने पर विवश कर दिया। अच्छी है ये प्रेम की गंगा बहने दो, क्यों करते हो देश में दंगा रहने दो, लाल हरे रंगों में हमको मत बांटो मेरी छत के ऊपर सिर्फ तिरंगा रहने दो़.़.़. से उन्होंने राजधानीवासियों की जमकर वाहवाही लूटी।

कव्वाली में सर पर रसूलेपाक ने सेहरा सजा दिया हुरो मलक ने आपको दूल्हा बना दिया़.़.. हजरत शहीद सैयद गुलाम सफदर पीर मुराद रहमतुल्ला दूल्हा बने़.़.. हजरत शहीद सैयद गुलाम सफदर पीर मुराद रहमतुल्ला दुल्हा बने…नूरे नूरे नबी का आपके चेहरे से नूर है, चेतरा बता रहा है कि आले रसूल हैं…इस कव्वाली ने समां बांध दिया। इसके बाद नाथ शरीफ पेश की।

वहीं नागपुर के कव्वाल हबीब अजमेरी ने जो कुछ देता है हमको रब देता है़.़ .इसके बाद मोहम्मद का मर्तबा अल्लाह जानता है… पेश की। कानपुर की मशहूर कव्वाल रौनक परवीन और नागपुर के हबीब अजमेरी के बीच मुकाबला पूरी रात चला। दोनों ही फनकारों ने अपनी-अपनी गायकी का लोहा एक-दूसरे को मनवाया। कव्वालों की जुगलबंदी में लोगों ने जमकर आनंद उठाया।

शानदार कव्वालियां सुनाकर समा बांध दिया और श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। पुरुष व महिला कव्वाल के बीच कव्वाली के कई मुकाबले हुए। दोनों की जुगलबंदी देख श्रोताओं ने तालियां बजाकर उनका हौसला बढ़ाया। देर रात्रि तक राजधानी के श्रोता कव्वालियों का आनंद लेते रहे। इसको लेकर आयोजनकर्ता व प्रशासन की तरफ से भी खास तैयारियां की गयी थीं। वहीं सुरक्षा का भी बेहतर इंतजाम किया गया था।