नियोजित शिक्षकों का एक जिला से दूसरे जिला में ट्रांसफर नहीं होने इसका असर अब रिश्तों पर पड़ने लगा है। शादी के पहले अपने गृह जिला में नियोजन हुआ, लेकिन अब जब शादी दूसरे जिले में हुई तो शिक्षिकाएं ट्रांसफर करवाकर ससुराल में रहना चाहती हैं। लेकिन ट्रांसफर की सुविधा नहीं होने से नौकरी छोड़ने को मजबूर हो रही हैं। जो नौकरी नहीं छोड़ रहीं उनके रिश्ते टूट रहे हैं। मामला तलाक तक पहुंच जा रहा है।

नौकरी के साथ-साथ रिश्ते बचाने के लिए आये दिन शिक्षिकाएं जिला शिक्षा कार्यालय में आवेदन दे रही हैं। उन्हें विश्वास है कि उनकी मजबूरी को संबंधित अधिकारी समझेंगे और कभी न कभी उन्हें ट्रांसफर की सुविधा मिलेगी। ज्ञात हो कि लगभग हर जिले में 15 से 20 आवेदन हर दो महीने पर डीईओ कार्यालय आ रहे हैं। लेकिन नियोजित शिक्षकों को अंतर जिला ट्रांसफर की सुविधा नहीं है। केवल एक ही नियोजन इकाई अंतर्गत एक स्कूल से दूसरे स्कूल में ट्रांसफर हो सकता है।

शिक्षिका मोनी कुमारी कहती हैं, हम सभी जानते हैं कि सास- ससुर की सेवा करना बहू का धर्म होता है, लेकिन जब उनके पास रहेंगे तभी तो सेवा करेंगे। वह जहां कार्यरत हैं उससे दूसरे जिले में शादी हो गयी है। इससे घर पर रहते ही नहीं हैं। वहीं, उत्क्रमित मध्य विद्यालय लालगंज वैशाली में कार्यरत पूजा कुमारी कहती हैं कि दूर नौकरी होने के कारण घर में समय नहीं दे पाती हूं।
