
MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : नागरिकता संशो’धन कानून व सीएबी का देशभर में व्यापक वि’रोध हो रहा है. अब इसका असर मुजफ्फरपुर में भी देखने को मिल रहा जहां पक्की सराय में इंसाफ मंच ने सीएबी और एनआरसी के विरो’ध में और जामिया मिल्लिया इस्लामिया में आंदो’लन कर रहे छात्रों पर बर्ब’रतापूर्ण ला’ठीचार्ज के विरो’ध में सोमवार को प्रति’रोध मा’र्च निकाला.

इंसाफ मंच के समर्थ’कों द्वारा पक्की सराय में किये जा रहे वि’रोध प्रद’र्शन को देखते हुए कई थानों की पुलिस मौके पर पहुँच गई जिससे विधि व्यवस्था संधारण में किसी प्रकार का कोई व्यव’धान पैदा नही हुआ.

सीएबी बिल के खि’लाफ प्रद’र्शन कर रहे हुए प्रद’र्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिला’फ ज’मकर ना’रे लगाए और वि’रोध प्रदर्शन किया. उन्होंने बीते दिनों जामिया मिल्लिया इस्लामिया के आंदो’लनरत छात्रों पर दिल्ली पुलिस द्वारा ला’ठीचार्ज किये जाने को लेकर कहा कि छात्रों की पि’टाई श’र्मनाक है. इस श’र्मनाक कृत्य के लिए दिल्ली पुलिस पर का’र्रवाई की मांग की. उन्होंने इसे मोदी सरकार के इशारे पर की गई का’र्रवाई बताया.

जिले में नागरिकता सशो’धन कानून के खि’लाफ बढ़ते वि’रोध और विधि व्यवस्था बनाये रखने को लेकर आमजन में कानून व्यवस्था के प्रति भरोसा बनाये रखने व अप’राधियों और असामा’जिक त’त्वों में कानून का भ’य कायम रखने को दिशा में वरीय पुलिस अधीक्षक जयंत कांत और अनुमंडलाधिकारी पूर्वी कुंदन कुमार के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक नगर पी के मंडल, पुलिस उपाधीक्षक नगर राम नरेश पासवान, मेजर साबिर हसन खान, पुलिस नगर थाना, मिठनपुरा थाना, काजी मोहम्मदपुर थाना, समेत क्यूआरटी टीम, दंगा निरोधी टीम, भारी संख्या में पुलिस बल के साथ पुरे शहर में फ्लै’ग मा’र्च कर शहरवासियों को सुरक्षित व भ’यमुक्त माहौल का सन्देश दिया.

मामले में पुलिस अधीक्षक नगर पी के मंडल ने कहा कि कानून व्यवस्था का पा’लन, अपरा’धियों में का’नून का भ’य, समाज में शांति और आमजन के बीच कानून के प्रति भरो’सा कायम रखना पुलिस के कार्य हैं. विधि व्यवस्था बनाये रखने, अप’राध नियंत्रण और अप’राधियों के मन में कानून व्यवस्था का भय कायम रखने हेतु पुरे जिले में फ्लै’ग मार्च किया गया है, जिससे शहरवासियों को एक सुर’क्षित मा’हौल का आभास हो और पुलिस प्रशासन के प्रति भरो’सा बना रहे.

एनआरसी के बाद यह दूसरा मौका है, जब नागरिकता से जुड़े इस ऐलान पर नार्थ ईस्ट के राज्यों असम, मेघालय और त्रिपुरा में स्थिति तना’वपूर्ण बनी हुई हैं. वहीं पश्चिम बंगाल में इस कानून का कड़ा वि’रोध द’र्ज किया जा रहा है. पिछले डेढ़ साल में देखा जाए तो केन्द्र के कानून-प्रावधानों का राज्यों में लगातार वि’रोध बढ़ रहा है.







