#BIHAR #INDIA : बिहार में बच्चा चो’री करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गि’रोह का खु’लासा हुआ है। भागलपुर चाइल्ड लाइन की टीम और रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने मंगलवार को बच्चा चो’री कर बेचने वाली एक लेडी डॉ’न को साथी के साथ गि’रफ्तार किया। दोनों से पूछताछ के दौरान बच्चा चो’री के एक ऐसे गि’रोह का खुलासा हुआ, जिसके तार बिहार के बाहर राज्य के बाहर देश की राजधानी दिल्ली से नेपाल तक फैले हैं।

इस गिरो’ह का सरगना गर्भवती माताओं का ऑपरेशन कर बच्चा निकालकर बे’च देने वाला एक अस्पताल का मालिक भी शामिल है। वह लेडी डॉ’न का पति है। पुलिस ने उसे भी गि’रफ्तार कर लिया है। रेल एसपी आमिर जावेद ने बताया कि आ’रोपितों की निशा’नदेही पर तीन दिसंबर को भागलपुर स्टेशन से लापता लखीसराय के प्रिंस को पूर्वी चंपारण के अरेराज थाना अंतर्गत बहादुरपुर से बरामद किया गया। प्रिंस को खरीदने वाले शोभा देवी और लखींद्र को भी पकड़ा गया है।

टिकट काउंटर पर रची बच्चा चोरी की साजिश
मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार की दोपहर भागलपुर चाइल्ड लाइन को सूचना मिली की एक महिला साथियों के साथ टिकट काउंटर के पास खड़ी है। संदेह होने पर चाइल्ड लाइन की टीम उसकी निगरानी करने लगी। नजर रखने लगी। इस बीच भागलपुर के मायागंज की एक महिला एक बच्चे के साथ टिकट काउंटर पर टिकट ले रही थी। महिला के साथ बच्चे को देख गिरो’ह की दोनों महिलाओं ने उससे अपने लिए दो टिकट लेने का आग्रह किया तथा बच्चे को मां की गोद से ले लिया।

चाइल्ड लाइन टीम ने पकड़कर किया पुलिस के हवाले
इसी बीच उनमें से एक महिला बच्चे को लेकर एक नंबर प्लेटफॉर्म की तरफ जाने लगी तथा दूसरी भी खिसक गई। चाइल्ड लाइन के सदस्यों ने उनका पीछा किया। इधर, टिकट कटाने के बाद जब मां ने अपने बच्चे को नहीं देखा तो उसने शो’र मचाया। इस बीच चाइल्ड लाइन की टीम ने बच्चा चोर महिला को रंगे हाथ पकड़कर आरपीएफ थाना के हवाले कर दिया।

पुलिस पूछताछ में किए चौंकाने वाले खुलासे
पुलिस पूछताछ में दोनों महिलाओं ने चौं’काने वाले खुलासे किए हैं। आरपीएफ इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह ने बताया कि बच्चा चो’री करते पक’ड़ी गई दोनों महिलाएं मुंगेर के तारापुर की सारिका देवी और मुंगेर की ही कल्पना कुमारी हैं। सारिका गिरोह की लेडी डॉन है, जिसने कई बड़े खुलासे किए। उसने बताया कि कि बच्चा चोरी का पूरा खेल मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा स्थित मां भगवती अस्पताल से चलता था। इसका संचालक विजय चौधरी खुद को डॉक्टर बताता है। रेल एसपी के अनुसार विजय चौधरी फर्जी डॉक्टर है।

अस्तपाल की आ’ड़ में चलता था बच्चा चो’री का धं’धा
सारिका ने बताया कि विजय चौधरी अस्तपाल की आ’ड़ में बच्चा चो’री का धं’धा करता था। वह गर्भव’ती लड़कियों को भर्ती करता था तथा उनके रहने से लेकर खाने तक का पूरा खर्च उठाता था। नौ महीने पूरा होने पर ऑपरेशन से बच्चे को निकालकर बच्चा रख लेता था।
भागलपुर से चो’री गया बच्चा ब’रामद
विजय चौधरी के इशारे पर बच्चों की चो’री भी होती थी। उसके कबूलनामे के आधार पर भागलपुर रेल पुलिस ने भागलपुर से तीन दिसंबर को चो’री गए दो साल के बच्चे प्रिंस को भी बराम’द किया। बच्चा खरीदने वाली महिला भी गिर’फ्तार किया गया है। बरा’मद बच्चा लखीसराय जिले के बलीपुर निवासी सुविज्ञ कुमार का पुत्र है। उसे 1.30 लाख रुपये में बेचा गया था। सारिका ने बताया कि उसने ही भागलपुर स्टेशन के टिकट काउंटर के पास से प्रिंस को चुराकर डॉक्टर को सौंपा था।

अस्पताल संचालक व बच्चा चो’र महिला पति-पत्नी
सारिका ने खुद को विजय की पत्नी बताया है। नर्सिंग स्कूल में पढ़ाई के बाद उसने विजय से शादी कर ली थी। इसके बाद वह इस धंधे की लेडी डॉन बन गई। सारिका का मायका मुंगेर में होने के कारण विजय ने उसे पूर्वी बिहार के इलाकों से बच्चा चो’री करने का जिम्मा दिया था।
नर्सिंग स्कूल की आड़ में चो’री की ट्रेनिंग
सारिका ने बताया कि विजय का नर्सिंग स्कूल भी है, जिसमें वह भोली-भाली लड़कियों का मामूली रकम पर एडमिशन लेता था, फिर उन्हें ट्रेंड कर इस धंधे में उतारता था।
SOURCE : JAGRAN