एक पिता के रूप में गुलजार अपनी बेटी मेघना गुलजार का हमेशा से पूरा सहयोग करते रहे हैं। इस बार फिर से वह मेघना की फिल्म ‘छपाक’ में गीतकार की भूमिका अदा कर रहे हैं। अपनी बेटी के प्रति लगाव को जाहिर करते हुए वह कहते हैं कि मैंने किसी भी पटकथा से पहले अपनी बेटी की चुना है।

वह आगे कहते हैं, ‘मैं बहुत ही चुनिंदा हूं क्योंकि मैं अपने हर प्रोजेक्ट के लिए कुछ नया और अलग करना चाहता हूं। छपाक की कहानी सबसे असाधारण कहानियों में से एक है। इसमें गानों के लिए जगह बनाना बहुत ही मुश्किल था, लेकिन मेघना ने अपनी दृष्टि से इसे सरल बना दिया। यह आसान नहीं था, लेकिन इसकी पटकथा बहुत ही प्रेरणादायी थी।’

मेघना की तारीफ करते हुए गुलजार कहते हैं, ‘मैं उसे सामाजिक रूप से जागरूक होने के लिए पूरे अंक देता हूं। वह अपनी फिल्मों के माध्यम से समाज को अच्छा संदेश दे रही है। दृढ़ विश्वास और साहस के बिना कोई भी ऐसा कर सकने में सक्षम नहीं है। यह एक ऐसा गुण है जो कभी किसी से उधार नहीं लिया जा सकता। यह तो इंसान के अंदर स्वतः ही उत्पन्न होता है। वह किसी को अपनी पटकथा छूने भी नहीं देती। मेघना समय के साथ चल रही है।’