आजाद हिंद फौज की स्थापना करने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को उड़ीसा के कटक में हुआ था। बचपन से ही इनमें अंग्रेजों के खिलाफ गुस्सा भरा था। यही कारण है कि पिता के कहने पर सुभाष चंद्र बोस ने आईएएस की परीक्षा पास की पर वह ज्यादा दिन नौकरी नहीं कर पाए और ब्यूरोक्रेट की नौकरी छोड़ भारत वापस आ गए। 1921 में उनकी मुलाकात अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी से हुई, वहीं उन्होंने बापू को राष्ट्रपिता का दर्जा दिया।

‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’… ऐसे तमाम जोश से भरे नारे और कोट्स उस दौर में पूरे हिंदुस्तान में छा गए थे। उनकी मुहिम से लाखों भारतीय जुड़ते चले गए। अंग्रेज भी उनकी बढ़ती ख्याति और ताकतवर होती आजाद हिंद फौज से घबरा गई थी। ये उनके कुछ फेमस कोट्स जो आज भी भारतीय युवाओं के दिल जोश भर देते हैं। आइए नेताजी की जयंती पर उनकी कहीं कुछ बातें दोस्तों से शेयर करें और यहां से आप भाषण या स्पीच की तैयारी भी कर सकते हैं…
