राजधानी पटना जिले के बच्चों एवं अभिभावकों के लिए राहत भरी खबर है कि इस सं’कट की घड़ी में जिला प्रशासन ने उन्हें बड़ी मदद की है। राजधानी के कई अभिभावकों ने स्कूलों द्वारा फीस वसूली को लेकर द’बाव बनाने का आ’रोप लगाया था। ऐसे अभिभावकों को राहत देते हुए जिला प्रशासन ने कहा कि फिलहाल एक माह का ट्यूशन ही अभिभावक जमा करेंगे।
बाकी फीस बाद में किस्तों में जमा कर सकेंगे। इसके अलावे स्कूल प्रबंधन बच्चों को ऑनलाइन स्टडी मैटेरियल मुहैया कराएगा। प्रबंधन अब बच्चों के घर जाकर किताब व कॉपी उपलब्ध कराएगा। इसके लिए स्कूल प्रबंधन एसडीओ से विशेष वाहन की अनुमति प्राप्त कर सकता है।

जिलाधिकारी कुमार रवि का कहना है कि स्कूल प्रबंधन वर्तमान में किसी भी अभिभावक या बच्चे पर तीन माह की फीस एक साथ जमा करने के लिए बाध्य नहीं कर सकता है। अभिभावक किसी कारण से एक माह की ट्यूशन फीस जमा करने में असमर्थ है, तो उसके बच्चे के खि’लाफ किसी तरह की दं’डात्मक का’र्रवाई नहीं की जाएगी।
छात्र हित में बच्चों को स्कूल प्रबंधन स्टडी मैटेरियल मुहैया कराएगा। इसके लिए वाट्सएप, ई-मेल एवं स्कूल की वेबसाइट पर स्टडी मैटेरियल लोड किए जाएं। जिलाधिकारी ने यह भी स्कूलों को आदेश दिया है कि संस्थान में कार्यरत कर्मियों का भुगतान नियमित रूप से ऑनलाइन किया जाए।

पटना के आयुक्त संजय कुमार अग्रवाल ने शुक्रवार को बैठक कर क्षेत्रीय उप शिक्षा निदेशक को निर्देश दिया है कि यह सुनिश्चित करें कि कोई भी स्कूल लॉकडाउन के दौरान बच्चों से वाहनों का किराया न वसूले। जब बच्चे लॉकडाउन के दौरान स्कूल वाहन से एक दिन विद्यालय नहीं आए तो वाहनों का किराया लेने का कोई औचित्य नहीं है। साथ ही आयुक्त ने यह भी निर्देश दिया है कि कोई भी स्कूल किसी भी अभिभावक पर फीस के लिए दबाव न बनाए।
