महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में शुक्रवार को एक मालगाड़ी की च’पेट में आने के बाद 14 प्रवासी मजदूरों की मौ’त हो गई। पटरियों पर मौ’त का सन्नाटा बिखरा पड़ा है। लॉकडाउन की वजह से सभी मजदूर अपने घर जाने के लिए 40 किलोमीटर पैदल चलकर आए थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि इस तरह उनके जीवन का अंत हो जाएगा।
घटना को लेकर कर्माड पुलिस थाने के एक अधिकारी ने कि जालना से भुसावल की ओर पैदल जा रहे मजदूर मध्यप्रदेश लौट रहे थे। इस घट’ना पर उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दुख जताया है। वहीं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घ’टना पर शो’क व्यक्त करते हुए मृ’तकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना को लेकर कहा कि वह जानमाल को हुए नुकसान से बहुत दुखी हैं। उन्होंने कहा, ‘महाराष्ट्र के औरंगाबाद में रेल हादसे में जानमाल के नुकसान से बेहद दुखी हूं। मैंने रेल मंत्री पीयूष गोयल से बात की है और वह करीब से स्थिति पर नजर रख रहे हैं। आवश्यक हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।’
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवार को मुआवजा देने की घोषणा करते हुए कहा, ‘प्रदेश सरकार की तरफ से हर एक मृतक श्रमिक के परिजनों को पांच लाख दिए जाएंगे, और घायलों के इलाज की पूरी व्यवस्था की जाएगी।’
वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लिखा, ‘मालगाड़ी से कुचले जाने से मजदूर भाई-बहनों के मा’रे जाने की खबर से स्तब्ध हूं। हमें अपने राष्ट्र निर्माणकर्ताओं के साथ किए जा रहे व्यवहार पर शर्म आनी चाहिए। मा’रे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और घा’यलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।’