
NEW DELHI : पाकिस्तान से किसी व्यक्ति ने सीआरपीएफ की एक महिला सिपाही के पास व्हाट्सएप कॉल की है। पहले उस व्यक्ति ने कहा, फोन मत का’टना, लॉ’टरी से संबं’धित बात करनी है। इसके बाद वह बोला, उसके पास कई दूसरे बेनि’फिट हैं। अगर तुम अपने कैंपस और फोर्स के बारे में जानकारी दो तो हम मुंह मांगी की’मत देंगे।

ये मत सोचना कि हम तुम्हारे बारे में कुछ नहीं जानते। हमें सब मालूम है कि तुम यूपी की रहने वाली हो। मैं कराची से बोल रहा हूं। फोन का’टने से पहले वह व्यक्ति कहता है कि अभी हम काम नहीं बता रहे हैं, पहले तुम अपनी डि’मांड बताओ। सीआरपीएफ ने इस बारे में दिल्ली पुलिस को शिका’यत दी है। चूंकि यह मामला सीधा राष्ट्रीय सु’रक्षा से जुड़ा है, इसलिए विकासपुरी पुलिस स्टेशन ने यह केस स्पेशल सेल के हवाले कर दिया गया है।

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, सीआरपीएफ की महिला सिपाही दिल्ली आर्म्ड पुलिस ‘डीएपी’ के विकासपुरी स्थित कैंपस में संतरी की ड्यूटी पर थी। दो दिन पहले उसके पास 923055752119 नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। वह व्यक्ति बोला, आपसे बात करनी है और लॉ’टरी को लेकर कुछ बताना है। देखो, फोन मत का’टना। हमारे पास कई दूसरे बेनि’फिट भी हैं। आपकी फोर्स और कैंपस में जो कुछ भी होता है, वहां चल रही सभी गतिवि’धियों की जानकारी हमें दे दो। हम आपको मुंह मांगी कीमत देंगे। तुम्हारी हर डि’टेल हमारे पास है; तुम यूपी के बागपत की रहने वाली हो; मैं कराची से बोल रहा हूं।

अभी हम तुम्हें कोई काम नहीं बता रहे। पहले तुम केवल अपनी की’मत बताओ। सूत्रों का कहना है कि महिला सिपाही सोशल मीडिया जैसे फेसबुक आदि पर भी नहीं हैं। उसके पास जो सिम है, वह बागपत से लिया हुआ है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अब इस मामले की तहकी’कात कर रही है।

सेना ने भी जारी की थी एडवाइजरी
भारतीय सेना ने पिछले साल नवंबर में अपने सभी जवानों के लिए व्हाट्सएप को लेकर एक एडवा’इजरी जारी की थी। इसमें कहा गया था कि सभी जवान अपने व्हाट्सएप अकाउंट की से’टिंग्स तुरंत ब’दल लें। इससे कोई भी पाकि’स्तानी जासूस उन्हें किसी ग्रुप में नही जोड़ सकेगा। उस दौरान भारतीय सेना के एक जवान का व्हाट्सएप नंबर पाकि’स्तान से संबंधित किसी व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था। हालांकि इसमें जवान की कहीं कोई सहमति नहीं थी।

उसके बाद सेना ने व्हाट्सएप की से’टिंग बदलने की हिदा’यत दी थी। गत वर्ष जुलाई में आईबी ने भी भारतीय सेना अधिकारियों और उनके परिवार को किसी भी संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप से सत’र्क रहने की हिदा’यत दी थी। सेना ने विशेष सावधानी बरतने के आदेश जारी करते हुए कहा था कि अधिकारी-जवान अपनी नि’जता और गोपनीयता उजा’गर करने से बचें। वे ऐसे किसी भी व्हाट्सएप ग्रुप का हिस्सा न बनें, जो उनकी विश्वस’नीयता खतरे में डाल रहा हो। इससे सैन्य बलों की गोप’नीयता लीक होने का खतरा बना रहता है।




