
BALIA/BEGUSARAI : हुसैना मिर्जापुर गंगा नदी के घाट पर कार्तिक पूर्णिमा को लेकर रंगदारी वसूलने के क्रम में गुप्तसूचना के आधार पर एसटीएफ के जवान एवं अपराधी के बीच भारी गोलीबारी के दौरान 4 अपराधियों को हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया. एसटीएफ आईजी के निर्देश पर बलिया थाना क्षेत्र के गंगा दियारा के हुसैना-नौरंगा गंगा घाट पर शुक्रवार को अपराधियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी करने गई थी, जहां एसटीएफ की टीम के साथ अपराधियों का मुठभेड़ हुआ है. एसटीएफ की टीम ने एक थ्री फिफ्टीन राइफल, 18 इंच का दो एवं 6 इंच का दो देसी पिस्तौल, भारी मात्रा में जिंदा कारतूस के साथ चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है.

गिरफ्तार अपराधियों की पहचान बलिया थाना क्षेत्र के मिर्जापुर निवासी पवन महतो के पुत्र राजाराम महतो, कस्बा निवासी चंद्रदेव यादव उर्फ हकरू यादव का पुत्र रुदल यादव, बबुरबन्नी-किशनपुर निवासी चंद्र देव महतो का पुत्र दिनेश महतो एवं नयागांव थाना क्षेत्र के सोनबरसा-मथार दियारा निवासी कपिल देव यादव का पुत्र रणधीर यादव के रूप में हुई है. गिरफ्तार सभी अपराधियों पर स्थानीय थाना में कई अपराधिक मामले दर्ज पाये गये हैं. वहीं मुठभेड़ के दौरान दिलीप यादव एवं एक अन्य शातिर अपराधी भागने में सफलता हासिल की है.

बताया जाता है कि एसटीएफ को पूर्व में सूचना मिली थी कि 23 नवम्बर को किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के इरादे से थाना क्षेत्र के हुसैना-नौरंगा गंगा घाट पर अपराधियों का जमावड़ा लगने वाला है. जिस सूचना पर एसटीएफ की टीम पूर्व से घात लगाये दियारा के जंगलों में छुपे हुये थे. घाट पर अपराधियों के पहुंचते ही एसटीएफ की टीम आ धमकी. जिसे देख अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. जिसके जवाब में एसटीएफ की टीम भी जवाबी फायरिंग की.

करीब 1 घंटा तक दोनों तरफ से 50 राउंड से अधिक गोलीबारी के बाद एसटीएफ ने उक्त चारों शातिर अपराधियों को हथियार के साथ गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की. मिली जानकारी के अनुसार एसटीएफ के पहुंचने के बाद सूचना मिलते ही बलिया एएसपी अंजनी कुमार सिंह, थानाध्यक्ष सुनील कुमार, पुलिस अधिकारी विपिन कुमार सिंह भारी मात्रा में पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे.
मुठभेड़ के बाद भागे गये दो अपराधियों एवं उनके द्वारा फेंके गये हथियार की बरामदगी के लिये पुलिस घंटों दियारा के जंगलों में खाक छानती रही. दियारा के जंगलों में पकड़े गये इन अपराधियों की गिरफ्तारी के लिये पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी. वहीं शुक्रवार को कार्तिक पूर्णिमा पर उक्त घाट पर गंगा स्नान करने गये लोगों में गोलीबारी के बाद दहशत देखी गई. लोग फायरिंग के बाद जान बचाने के लिये इधर-उधर भागने लगे. गंगा स्नान कर रहे सैकड़ों लोगों में अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया लोग अपनी अपनी जान बचाकर किसी तरह वहां से निकले.