नवादा. एक तरफ जिले भर में शराब बंदी की शपथ दिलाई जा रही थी तो दूसरी ओर शराब का एक धंधेबाज पुलिस कस्टडी को धता बताकर भाग गया। रजौली थाना पुलिस द्वारा पकड़े गए शराब धंधेबाज को नवादा कोर्ट में लाया गया था जहां कोर्ट परिसर के बाहर से आरोपी रस्सी काटकर फरार हो गया है। आरोपी के साथ रहे चौकीदार और वहां तैनात पुलिसकर्मी तमाशा देखते रह गए।
रविवार को पुलिस ने धंधेबाज को किया था गिरफ्तार
बताया जाता है रजौली थाना पुलिस ने रविवार को शराब का धंधा करने के मामले में पंकज कुमार को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार पंकज को दो चौकीदारों के साथ नवादा कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया गया था। इसमें से एक चौकीदार सूरज देव पासवान कोर्ट रूम में कागज जमा करने गया जबकि दूसरा चौकीदार आरोपी को पकड़ा था। इसी दौरान आरोपी ने रस्सी काट लिया और चौकीदार को चकमा देकर फरार हो गया।
आरोपी ने हथकड़ी लगे रस्सी को ब्लेड से काटा है और भागते समय धक्का-मुक्की भी की है। आरोपी के रस्सी काटकर फरार होने की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई। वहां तैनात पुलिस कर्मी भी हरकत मे आ गए लेकिन तबतक देर हो चुकी थी।
शहर की नाकेबंदी कर तलाशी
पुलिस कस्टडी से फरार हुए आरोपी की खोजबीन की जा रही है। शहर में चारों तरफ नाकाबंदी कर शराब काराेबारी की तलाश की जा रही है। बताया जाता है कि रजौली के मंझला गांव निवासी दिवंगत नरेश यादव के पुत्र पंकज कुमार को शराब के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उसे पेशी के लिए कोर्ट ले जाया जा रहा था। तभी युवक कोर्ट गेट के पास से धक्का-मुक्की कर रस्सी काट कर फरार हो गया।
बार-बार भाग रहे अपराधी
नवादा कोर्ट के पास से पुलिस कस्टडी को तोड़कर फरार होने की यह कोई नई या पहली घटना नहीं है। अपराधी कई सालों से लापरवाही का फायदा उठाते रहें है। अकेले इसी साल जिले में पांचवीं बार पुलिस कस्टडी की नकेल ढीली पड़ी है और आरोपी फरार हो गए है। इनमें से तीन बार तो रजौली थाने के चौकीदार को ही चकमा देकर कैदी भाग चुके हैं।
इस साल कब-कब भागे आरोपी
2 फरवरी – रजौली थाना से चोरी का नाबालिग आरोपी फरार।
3 जून – रजौली थाना से बाइक चोरी का आरोपी फरार ।
17 अक्टूबर- सिरदला थाना से आरोपी फरार।
26 अक्टूबर- नारदीगंज थाना के हाजत से शराब का धंधेबाज फरार।
26 नवंबर – रजौली थाना से पकड़ा गया शराब का धंधेबाज कोर्ट गेट से फरार ।
नवादा कोर्ट के पास से भागने वाला चौथा कैदी पप्पू
नवादा कोर्ट के पास सुरक्षा की चाक-चौबंद सुरक्षा के दावे किए जाते हैं लेकिन कोर्ट और कोर्ट के बहार से बार-बार कैदी फरार हो रहें हैं।