शहर के कच्ची-पक्की इलाके में एक निजी क्लिनिक में म’रीज की मौ’त पर स्वजनों ने जमकर हं’गामा किया। मृ’तक की पहचान रजला निवासी 55 वर्षीय चंद्रगुप्त झा के रूप में हुई है। मृ’तक के स्वजनों ने क्लिनिक के वार्ड में रखे फर्नीचर को इधर-उधर फेंक दिया गया। उनके आ’क्रोश को देखते हुए वहां तैनात कर्मी भाग निकले। सूचना मिलने पर सदर थाना के प्रभारी संजीव सिंह निराला और काजीमोहम्मदपुर थाना के प्रभारी मो. शुजाउद्दीन पहुंचे। उन्होंने सबको समझाकर मामला शांत कराया। इसके बाद स्वजन श’व को लेकर चले गए।

स्वजनों का कहना था कि 12 जून को चन्द्रगुप्त झा को पेट में तेज दर्द की शि’कायत पर यहां भर्ती कराया गया। लगातार इलाज के बावजूद कोई सुधार नहीं हो रहा था। अस्पताल के चिकित्सक व कर्मी म’रीज की देखभाल में रुचि नहीं ले रहे थे। रविवार की शाम जब उनकी त’बियत बहुत खराब हो गई तो यहां से रेफर करते हुए दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा गया।
जब तक बाहर ले जाने की तैयारी करते इस बीच उनका मरीज ने द’म तो’ड़ दिया। वहीं अस्पताल कर्मी ने बताया कि म’रीज को कई बी’मारियां थीं। उसे दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कई बार कही गई। लेकिन स्वजनों ने ऐसा नहीं किया और इस बीच म’रीज की मौ’त हो गई।
input : जागरण