भारतीय सिनेमा के कलाकार सुशांत सिंह ने सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (सिनटा) के महासचिव पद पर पांच साल तक तैनात रहने के बाद इस्तीफा दे दिया है। सुशांत का मानना है कि इस संस्था के विकास के लिए अब उनका इस पद को छोड़ देना बहुत जरूरी है। हालांकि, अगर सुशांत चाहते तो वह अपने इस पद पर कायम रह सकते थे क्योंकि कोरोना वायरस की वजह से इस संस्था ने चुनावों की प्रक्रिया को फिलहाल के लिए रोक दिया है।
सुशांत ने मीडिया को बताया है कि उन्होंने इस संस्था के अधिकारियों को सात जून को अपना इस्तीफा दाखिल किया था। उन्होंने कहा, ‘बीते बुधवार को कमेटी ने मेरा इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और कुछ औपचारिकताएं ही बाकी बची हैं। मैंने सिनटा को एक मई 2015 में ज्वाइन किया था।’

सुशांत ने आगे कहा कि ‘मैं इस संस्था के लिए अपनी तरफ से जो भी कर सकता था, उसमें मैंने अब तक अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की है। मैंने संस्था को अपना एक लंबा समय दिया है। अब आगे के लिए मुझे नहीं लगता कि मेरे पास कोई भी ऐसा नया विचार है जो इस संस्था के काम आ सकता है इसलिए यूनियन की भलाई के लिए यह जरूरी है कि मैं इस पद को त्याग दूं और यहां मेरी जगह एक नए विचारों वाले नेता का चुनाव हो जो इस यूनियन के विकास में अपना योगदान दें।’

सुशांत के इस्तीफे की वजह संस्था का अपने सदस्यों के साथ ठीक से काम न करना भी बताया जा रहा है। हालांकि, इस बारे में सुशांत का कहना है, ‘हमारी संस्था काफी बड़ी है और यहां पूर्ण निरपेक्षता के साथ काम होता है। किसी भी यूनियन के लिए संभव नहीं है कि वह अपने हर सदस्य को खुश कर सके। शिकायतें तो आती ही रहेंगी और हर संस्था का यह कर्तव्य है कि वह उन शिकायतों पर संज्ञान लें। हालांकि, मेरे इस्तीफे के इन शिकायतों से कोई लेना देना नहीं है।’
input : अमर उजाला