उत्तर प्रदेश के कानपुर के एक गांव में हुए शू’टआउट मामले में पुलिस को फ’रार अभियुक्त विकास दुबे की यूपी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है। इसी बीच हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के बिहार में छिपे होने की खबरों पर बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने आठ पुलिसकर्मियों की ह’त्या करने वाले विकास दुबे को चैलेंज देते हुए कहा है कि हिम्मत है तो बिहार में घुसकर दिखाएं।
डीजीपी ने कहा कि अप’राधी की कोई जाति नहीं होती। डीजीपी ने कहा कि कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की ह’त्या करके हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे बिहार में घुस आएगा और यहां से सुरक्षित निकल जाएगा? यह कैसे हो सकता है?

डीजीपी ने कहा कि सोशल मीडिया पर मैंने एक पोस्ट देखा जिसमें विकास दुबे को एक जाति विशेष का हीरो बना कर दिखाया गया, ऐसे लोगों की ऐसी बात पर मुझे गु’स्सा आता है। विकास दुबे ने कई ऐसे लोगों की ह’त्या की जो कि उसी की जाति के थे। डीजीपी ने आगे कहा कि यदि विकास दुबे बिहार की सीमा में घुस आया तब उसे अच्छी तरह पता चलेगा कि बिहार पुलिस और यहां की एसटीएफ क्या होती है?
दरअसल पता चला है कि पुलिस और अप’राधियों के बीच हुए एनकाउंटर के फौरन बाद रात दो बजे विकास दुबे ने अपनी पत्नी ऋचा को फोन करके भाग जाने को कहा था। ऋचा अपने बेटे को साथ लेकर फरार हो गई है। वहीं, भागते वक्त सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर भी साथ ले गई है।
input : जागरण