बेऊर मोड़ के पास दिनद’हाड़े गो’लियों से भून’कर की गई प्रॉपर्टी डीलर राजेश कुमार यादव ह’त्याकां’ड के मामले में फ’रार चल रहे शू’टर पुलिस का सिरदर्द बन गये हैं। पकड़ना तो दूर पुलिस अबतक भागदौड़ के बावजूद शू’टरों की परछाई तक नहीं पा सकी है। सूत्रों की मानें तो फ’रार शू’टरों तक पहुंचने व शिकंजा कसने के लिए घट’ना के समय बेऊर इलाके में एक्टिव 500 से अधिक मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर सर्च करने में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं, लेकिन अबतक पुलिस की राह आसान नहीं हो सकी है।

पटना की पूर्व डिप्टी मेयर अमरावती देवी के पति दीना गोप की ह’त्या में शामिल रह चुके शू’टर दीना यादव, उनके साढ़ू आकाश, संजय वशिष्ठ और कौशल कुमार, प्रॉपर्टी डीलर राजेश यादव हत्या’कांड के मुख्य आ’रोपित हैं। दीना गोप के चाचा सह प्रॉपर्टी डीलर टुनटुन यादव की ओर से इनके अलावा बेऊर थाने में 6 अन्य अप’राधियों के खि’लाफ एफ’आईआर दर्ज कराई गई है। अबतक पुलिस द्वारा दीना यादव की पत्नी, बेटे समेत जिन करीबियों से पूछताछ की गई है, उनसे कुछ खास पता नहीं चल सका है। ऐसे में पुलिस द्वारा फरार चल रहे दीना यादव समेत अन्य आरो’पितों की तलाश में उनके सगे-संबंधियों व दोस्तों के ठिकानों पर जिस तरह से छा’पेमारी की जा रही है, उससे करीबियों में जहां छटपटाहट है। बेऊर थाना प्रभारी फूलदेव चौधरी का कहना है कि फरार शू’टरों व हत्या’कांड में शामिल अन्य अप’राधियों तक पहुंचने के लिए हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं। इसके लिए वैज्ञानिक अनुसंधान भी किया जा रहा है। देर ही सही, अप’राधी बच नहीं पाएंगे।

कॉल डंप की मदद से एक निश्चित जगह से निश्चित समय की कॉल डिटेल व एक्टिव नेटवर्क मोबाइल कंपनियां मुहैया कराती हैं। टावर लोकेशन जहां संबंधित मोबाइन नंबर को आसपास के नेटवर्क सर्च करके बताता है। वहीं कॉल डंप सटीक घटना’स्थल का ही लोकेशन बताता है। अनुसंधान की कड़ी में इस आधुनिक प्रक्रिया से घ’टना के समय एक्टिव नेटवर्क और वह नेटवर्क कहां तक गया, इसका भी पता चल जाता है।
