
SITAMARHI : जिला स्वास्थ्य समिति में विभिन्न पदों के लिए ली गई परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगाने वाला साहेब सिंह खुद निकला गड़बड़। बताते चले कि पिछले दिनों जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा विभिन्न पदों के लिए परीक्षा ली गई थी, जिसमें बीसीएम पद के लिए साहेब सिंह ने भी आवेदन दिया था। जिला पदाधिकारी स्वयं पूरी नियुक्ति प्रक्रिया पर नजर रख रहे थे। साहेब सिंह ने सोशल मीडिया एवं स्थानीय मीडिया को न सिर्फ गोपनीय जानकारी शेयर की बल्कि पूरी भर्ती प्रक्रिया को ही गलत साबित करने की भी कोशिश की।

उसकी अनुशासनहीनता पर जब उससे स्पष्टीकरण माँगा गया तो उसने अपने स्पष्टीकरण के जबाब को भी सार्वजनिक कर दिया। इसी बीच जिलापदाधिकारी ने उसकी अनुशासनहीनता को गंभीरता से लेते हुए, सिविल सर्जन को आवश्यक कर्रवाई का निर्देश दिया था। डीएम के निर्देश के आलोक में कई अभ्यर्थियों के साथ-साथ साहेब सिंह के प्रमाण पत्रों की जाँच करवाई गई है।साहेब सिंह के अनुभव प्रमाण पत्र रोहतास के जिला प्रोग्राम पदाधिकारी के यहाँ से निर्गत था,जिसे जिलापदाधिकारी रोहतास द्वारा फर्जी करार दिया गहै।

जिस पदाधिकारी द्वारा अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया गया, उस नाम का पदाधिकारी वहाँ पोस्टेड ही नहीं था, साथ ही पत्रनिर्गत संख्या भी गलत पाया गया। डीएम के निर्देश के आलोक में साहेब सिंह के विरुद्ध एफआईआर दायर कर दिया गया है, साथ ही उसके वर्तमान पद से भी चयन मुक्त करने की करवाई शुरू कर दी गई है। गौरतलब हो कि वर्तमान में साहेब सिंह जिला स्वास्थ्य समिति के कार्यालय में डेटा इन्ट्री ऑपरेटर के पद पर पदस्थापित है। डीएम ने बताया है कि अभी कई अभ्यर्थीयों की जाँच रिपोर्ट आना बाकी है, जिसके आलोक में भी कर्रवाई की जाएगी। एफआईआर दायर होने के बाद साहेब सिंह फरार बताया जा रहा है।