अब क्लास तीन और पांच के बच्चों को पढ़ने-लिखने के लिए नहीं पड़ेगी किताबों की जरूरत

PATNA : सरकारी स्कूल मे पढ़ने वाले क्लास तीन और पांच के बच्चों की बल्ले-बल्ले हो गई है. बिहार शिक्षा परियोजना की ओर से बच्चों को बहुत ही शानदार तोहफा दिया जा रहा है. जिसमे बच्चों को पढ़ने-लिखने में अब परेशानी नहीं होगी. बच्चे अब कभी भी कोई बहाने नहीं बना पाएंगे. उन्हें अब हर हाल में पढ़ाई में मन लगाना पड़ेगा. जी हां, बच्चों को खेल-खेल के माध्यम से पढ़ाया जायेगा. यह तरीका बच्चों के लिए आसान तो होगा ही साथ ही शिक्षक और पैरेंट्स के लिए भी काफी दिलचस्प होगा.

बता दें कि इसके लिए छोटी-छोटी कहानियों से जुड़ी पाठ्य सामग्री तैयार की गयी है. ताकि कक्षा अनुरूप बच्चों को भाषा और गणित की जानकारी दी जा सकें. जी हां, अब सरकारी स्कूलों में बच्चों को अक्षरानुसार पद्धति  से पढ़ाया जायेगा. इसमें शिक्षक के पढ़ाने के बाद किताबों में दिये चित्रों पर उन जानवरों के नाम और उनके द्वारा बोले जाने वाली भाषाओं को लिख कर तरीके से कराया जायेगा. फिलहाल दो शहरों यानी पटना और समस्तीपुर में इसकी शुरुआत की जा रही है. बिहार शिक्षा परियोजना की ओर से कक्षा तीन से पांच तक के छात्र-छात्राओं को भाषा और गणित में दक्ष बनाया जाना है. इसके लिए बिहार शिक्षा परियोजना और आगा खां फाउंडेशन के बीच एमओयू साइन किया गया है. इसकी शुरुआत पॉयलेट प्रोजेक्ट के रूप में दो जिले से की जा रही है.

यह तरीका दो प्रखंडों के लगभग 600 सरकारी विद्यालय में शुरू किया जाना है. इसकी जिम्मेदारी संकुल समन्यवयकों को दी गयी है. वहीं, तकनीकी सर्पोट आगा खां फाउंडेशन की ओर से किया जायेगा. इस पद्धति में रंगीन चित्रों के सहारे जोड़ -घटाव और शब्द ज्ञान की जानकारी दी जानी है.

स्कूल में शिक्षक बच्चों को सही से पढ़ा रहे हैं या नहीं. बच्चा स्कूल में कितना सीख सका है. इन सब की जानकारी अब स्कूल को हो सकेगी. अक्षरानुसार पद्धति में स्कूल शिक्षक और अभिभावक का हस्ताक्षर कराया जायेगा. हालांकि इसके लिए विशेष रुप से अक्षरानुसार पद्वति से पढ़ाया जायेगा. बच्चों को तीन महीने तक दो घंटे की एकस्ट्रा क्लास लगायी जायेगी. बच्चों का अलग -अलग तीन समूह में बांट कर उसे पढ़ाया जायेगा.

 

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading