LPG सिलिंडर के दा’म ब’ढ़े, मोदी सरकार ने 203 रुपये कम की स’ब्सिडी, मिल रहे सिर्फ 79 रुपये

PATNA :  कांग्रेस की सरकार में महं’गाई को लेकर अक्सर सवा’ल उठ रहे थे. वही सिलसिला अब नरेंद्र मोदी की सरकार में भी जारी है. पिछले दिनों हमने देखा कि अचानक से एलपीजी सिलिंडर पर 50 रुपये की ब’ढ़ोतरी हुई. लेकिन अब आपको ये जानकार काफी है’रानी होगी कि मोदी सरकार ग्राहकों की जेब काफी ढी’ली कर रही है. ये थोड़ा टेक्निकल है इसलिए लोगों को इसका सीधा अस’र नहीं समझ में आ रहा लेकिन आपको हम आसान भाषा में सम’झाएं तो पिछले 3 साल में LPG सिलिंडर पर मिलने वाली स’ब्सिडी 203 रुपये घ’ट गई है.

नरेंद्र मोदी की सरकार में पिछले तीन साल में एलपीजी सिलिंडर पर ग्राहकों को मिलने वाली सब्सि’डी राशि में 203 रुपये घ’ट गई है. अगर हम पिछले महीने की बात करें तो ग्राहकों के खाते में सिर्फ 79 रुपये सब्सि’डी के तौर पर भेजे गए हैं, जो कि काफी क’म है. जबकि एलपीजी सिलिंडर की कीमत 692 रुपये थी. इसके साथ ही आपको हम ये भी बता दें कि दिसंबर 2020 में सिलिंडर की की’मत 792 रुपये होने के बावजूद बढ़ी हुई स’ब्सिडी नहीं मिली है. कई उपभोक्ताओं ने इस महीने ब’ढ़ी हुई की’मत पर सिलिंडर बुक कराया, लेकिन ग्राहकों के खाते में स’ब्सिडी नहीं पहुंची.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दो साल पहले दिसंबर 2018 में एलपीजी सिलिंडर की कीमत 906 रुपये थी, तब सरकार ने ग्राहकों के खाते में 396.22 रुपये भेजे जाते थे. इस हिसाब से देखें तो ग्राहकों को एक सिलिंडर के लिए 510 रुपये देने पड़ते थे. इसी तरह मार्च में 2019 में सिलिंडर की कीमत 794.50 रुपये थी, तब ग्राहकों के खाते में 290.18 रुपये स’ब्सिडी भेजी जाती थी. यानी कि तब एक सिलिंडर की कीमत 504 रुपये हुई. मई 2019 में एलपीजी सिलिंडर की कीमत 805.50 रुपये थी, उस महीने केंद्र सरकार ने ग्राहकों के खाते में 300.64 रुपये सब्सिडी दी थी. तब उनको मूल रूप से 505 रुपये लगे.
साल 2020 के जनवरी महीने में एलपीजी सिलिंडर की कीमत 816 रुपये थी और ग्राहकों के खाते में 243.57 रुपये स’ब्सिडी भेजी गयी थी. तब ग्राहकों को मूल रूप से 573 रुपये देने पड़े. यानी कि अगर हम आसान भाषा में इस बात को समझें तो ऐसा कहा जा सकता है कि दिसंबर 2018 से दिसंबर 2020 के बीच कुल 103 रुपये एक सिलिंडर पर ब’ढ़ गए. दिसंबर 2018 में सब्सिडी के आलावा ग्राहकों को एक सिलिंडर के लिए 510 रुपये देने पड़ते थे. लेकिन आज 2 साल बाद दिसंबर 2020 में स’ब्सिडी के आलावा ग्राह’कों को एक सिलिंडर के लिए 613 रुपये देने पड़ रहे हैं.
आपको बता दें कि केंद्र सरकार एक वर्ष में प्रत्येक परिवार के लिए 14.2 किलोग्राम के 12 सिलिंडरों पर स’ब्सिडी देती है. अगर ग्राहक इससे ज्यादा सिलिंडर लेना चाहते है, तो उन्हें बाजार मूल्य पर खरी’दना पड़ता है. ऑयल कंपनियां हर महीने गैस सिलिंडर की की’मत की समी’क्षा करती हैं. इसकी की’मत औसत अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और विदेशी विनि’मय दरों में बद’लाव जैसे कारक निर्धा’रित करते हैं.

रसोई गैस सिलिंडर की कीमत चेक करने के लिए आपको सरकारी तेल कंपनी की वेबसाइट पर जाना होगा. यहां पर कंपनियां हर महीने नए रेट्स जारी करती हैं. (https://iocl.com/Products/IndaneGas.aspxइस लिंक पर आप अपने शहर के गैस सिलिंडर के दा’म चेक कर सकते हैं. तेल कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि एलपीजी सिलिंडर के दाम इतने कम हो गये हैं कि इस साल मई-जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्तूबर और नवंबर में भी ग्राहकों को स’ब्सिडी नाम मात्र मिल रही है. नवंबर माह की स’ब्सिडी 79 रुपये मिल रही है.

स’ब्सिडी के संबंध में तेल कंपनियों का कहना है कि सब्सिडी का निर्धारण तेल कंपनियां नहीं, सरकार त’य करती है. इसलिए इस संबंध में कुछ बताना मुश्किल है. बिहार एलपीजी वितरक संघ के अध्यक्ष डा. रामनेरश सिन्हा का कहना है कि सरकार स’ब्सिडी के रूप में बिना सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर की कीमत में अंतर को देती है. जब दोनों की कीमत लगभग एक है. इस वजह से स’ब्सिडी भी कम हो गयी है. यानी अगर बिना स’ब्सिडी वाले सिलिंडर की की’मत बढ़ती है, तो स’ब्सिडी भी मिलनी शुरू हो जायेगी.

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