
PATNA : शरा’ब त’स्करी के मामले में बिहार पुलिस अब तक छोटे-छोटे धं’धेबाजों को गिर’फ्तार करती रही है, लेकिन पहली बार बिहार पुलिस और म’द्य निषे’ध विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी का’र्रवाई करते हुए हरियाणा के सोनीपत स्थित ख़लीला गाँव में छा’पेमारी कर बड़े शराब का’रोबारी को गिर’फ्तार कर बिहार ले आयी है. बिहार पुलिस के लिए यह बड़ी और अहम् काम’याबी मानी जा रही है.
अजीत सिंह उर्फ़ अजीत खलीला उर्फ़ जीता का बिहार के श’राब कारोबार में किस तरह की द’खल थी, इस बात का अंदा’जा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि पूरे उत्तर बिहार में होनेवाली श’राब की बिक्री और सप्लाई पर उसका पूर्ण नियं’त्रण था. बिहार पुलिस को अनु’मान है कि मुख्य सर’गना के प’कड़े जाने के बाद अब बिहार में शराब की त’स्करी को काफी हद तक नियं’त्रित किया जा सकेगा.

शरा’ब ठे’केदार खलीला प्रहलादपुर गांव के अजीत सिंह उर्फ अजित ख़लीला उर्फ़ जीता पर गैं’गस्टर राकू गैंग के बद’माशों ने हम’ला कर गो’ली मा’र दी थी. इसी मामले में निष्पक्ष जांच के लिए जीता बीते बुधवार को एसपी शशांक कुमार सावन का धन्यवाद करने उनके कार्यालय जा रहा था. इसी दौरान लघु सचिवालय परिसर से बिहार पुलिस ने उसे अवै’ध शराब बे’चने के मामले में गिर’फ्तार कर लिया. इससे मौके पर अफ’रा-त’फरी मच गई. अजित ख़लीला के साथ आए ठे’केदार बिहार पुलिस की का’र्रवाई से आक्रो’शित हो गए और हंगा’मा करने लगे. पुलिस ने उन्हें पुरे मामले से अव’गत कराया तब जाकर वे शां’त हुए, जिसके बाद बिहार पुलिस अजीत ख़लीला को को साथ ले कर पटना रवाना हुई.

बता दें कि गत 12 अक्टूबर 2020 को गोपालगंज के कुचायकोट थाना पुलिस ने अवैध शराब से भरा एक ट्रक प’कड़ा था. मौके से गिर’फ्तार ट्रक चालक ने राज खो’लते हुए बताया कि वे पानीपत के शराब ठे’केदार अजीत से शराब खरीदकर लाए थे. ड्राइवर के बयान के आधार पर बिहार पुलिस ने को’र्ट से वारं’ट हा’सिल किया और फिर हरियाणा पुलिस की म’दद से अजित ख़लीला को गिर’फ्तार करने में सफ’लता हासिल की. बिहार म’द्य निषे’ध विभाग और बिहार पुलिस को शराब त’स्करी करने के मामले में अजित की लम्बे अ’रसे से तला’श थी. पुलिस ने इस बारे में पानीपत एसपी शशांक कुमार सावन को भी पुरे मामले से अव’गत करा दिया था, ताकि पानीपत के लेवल-1 ठे’केदार व शराब कारोबारी अजित ख़लीला की गिर’फ्तारी के दौरान कोई हंगा’मा न हो.

कई महीनों से सु’र्खियों में थे अजीत सिंह, मिले थे कार्बा’इनधारी सुर’क्षाकर्मी
बताया जाता है कि गैं’गस्टर प्रसन्न उर्फ लंबू ने शराब ठेकेदार अजीत सिंह से 20 लाख रुपये महीने की रं’गदारी मांगी थी, जिसे अजीत ने देने से म’ना कर दिया था. इसके बाद 2019 पर गैं’गस्टर के गु’र्गों ने अजित सिंह को गो’ली मार दी थी. बावजूद इसके अजीत ने रं’गदारी की रकम नहीं दी. 19 दिसंबर 2020 की रात को ठे’केदार अजीत सिंह अपने नूरवाला अ’ड्डे पर स्थित शराब ठेके पर मौजूद थे, इसी दौरान बदमा’शों ने फा’यरिग कर दी.

फाय’रिंग में अजीत सिंह, उनका ड्राइवर सोनीपत के जुआ गांव का सागर और शराब खरीदने आया कामगार धर्मेद्र घा’यल हो गया था. दोतरफा हुई गो’लीबारी में गोयला खेड़ा गांव निवासी एक हम’लावर मनीष उर्फ मुखिया मा’रा गया वहीं गो’लीबारी में एक गो’ली ठेकेदार अजीत के फे’फड़े में फं’स गई थी और एक गो’ली कंधे के आर पा’र हो गई थी. इस मामले में गैं’गस्टर राकेश उर्फ राकू सहित 11 आरो’पित गिर’फ्तार हो चुके हैं. अजित सिंह पर पहले भी दो बार हम’ला हो चुका है. वा’रदात के बाद से अजीत और उसके भाई सुरेंद्र पहलवान को भी पुलिस सुर’क्षा मिली हुई है.














