
PATNA : बिहार पुलिस ने बड़ी का’र्रवाई करते हुए हरियाणा से बिहार में 100 करोड़ से अधिक की श’राब स’प्लाई करने वाले अजीत खलीला उर्फ़ अजीत सिंह उर्फ़ जीता को पानीपत से गिर’फ्तार किया है. म’द्य निषे’ध इकाई और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे प’कड़ा है. तीन दिनों की ट्रां’जिट रि’मांड पर बीते गुरुवार की दोपहर फ्लाइट से उसे पटना लाया गया है.
बिहार पुलिस ने हरियाणा के बड़े श’राब कारो’बारी अजीत खलीला उर्फ़ अजीत सिंह उर्फ़ जीता के साथ ही भूपेंद्र उर्फ भूप्पी और मुजफ्फरपुर का कु’ख्यात श’राब त’स्कर सुरेश सहनी और उसके साले मुन्ना महतो को भी हरियाणा से गिर’फ्तार किया है. अनुमान है कि पिछले दो-ढाई वर्षों में इनके ने’टवर्क ने मिलकर बिहार में करीब 100 करोड़ से अधिक रूपए की शराब खपाई है. अभी तक बिहार पुलिस स्थानीय स्तर पर ही श’राब के अवै’ध कारोबार से जुड़े अपरा’धियों और श’राब स’प्लायर को गिर’फ्तार करती रही है. यह पहली बार है जब बिहार में अवै’ध श’राब भे’जने वाले किसी बड़े शराब कारोबारी को गिर’फ्तार किया है.

नक्स’लियों को जाता था शराब का पैसा?
मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर निवासी सुरेश सहनी का न’क्सली संग’ठन से भी तार जुड़ा हुआ है। यानी शराब के इस अवै’ध का’रोबार का पैसा न’क्सली संगठ’नों में भी जाता होगा। गोपालगंज एसपी आनंद कुमार के मुताबिक सुरेश सहनी हवाला व अन्य माध्यमों के जरिए अपने साले मुन्ना महतो को हरियाणा में पैसे की स’प्लाई करता था। उसके बाद मुन्ना महतो हरियाणा के पानीपत निवासी भूपेंद्र उर्फ भूप्पी को श’राब की डि’लीवरी के लिए पैसे भेजता था। भूप्पी के जरिए पैसा अजीत खलीला तक पहुंचता था। अजीत खलीला कई ट्रकों में श’राब भ’रकर बिहार के कई जिलों में भेजता था।

हरियाणा में अजीत खलीला को मिला था बॉडीगा’र्ड
म’द्य निषे’ध इकाई और गोपालगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने खलीला की गिर’फ्तारी हरियाणा पुलिस के सहयोग से पानीपत से की है। अजीत खलीला हरियाणा का बड़ा श’राब कारो’बारी है। वो हरियाणा के पानीपत के खलीला गांव का रहने वाला है। उसका हरियाणा में 10 बड़े शराब के ठेके हैं। अजीत खलीला को दो पुलिस गार्ड भी उपलब्ध कराए गए हैं। वो बिहार में श’राब को ट्रकों के माध्यम से भेजता था। बिहार में शराब लाने के बाद उस श’राब को गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, सीतामढ़ी और दरभंगा में स’प्लाई की जाती थी। गोपालगंज एसपी आनंद कुमार के मुताबिक इस बड़े सिं’डिकेट में करीब दो दर्जन से ज्यादा मा’फिया शा’मिल हैं।

शराब का पैसा बिटक्वाइन में करता था निवेश
गोपालगंज पुलिस ने पिछले दिनों एंबु’लेंस से शराब की खे’प पकड़ी थी। उसी एम्बु’लेंस से दो त’स्कर गिर’फ्तार किए गए थे। जिनकी निशानदेही पर पुलिस ने 21 जनवरी को मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर थान क्षेत्र के गंगटी गांव निवासी सुरेश सहनी को गिर’फ्तार किया गया। गिर’फ्तार सुरेश सहनी ने पुलिस को बताया कि मुजफ्फरपुर जिले के बसघाट गांव निवासी उसका साला मुन्ना उर्फ मनोहर महतो हरियाणा में रहकर टायर व पं’चर का दुकान चलाता है। उसकी ही म’दद से ही हरियाणा में श’राब खरीद कर उसे बिहार लाने का कार्य किया जा रहा है। इसी माध्यम से शराब का ऑ’र्डर भी दिया जाता था। एसपी आनंद कुमार के मुताबिक सुरेश के मोबाइल से अब तक 30 दिनों में 90 लाख रुपये भे’जने की पुष्टि हुई है। इसके अलावा श’राब के धं’धे से कमाए गए पैसे को बिटकॉइन में इंवेस्ट किया जाता था। पुलिस ह’वाला कारोबार से पैसे के लेनदेन के तार जो’ड़ रही है। बहरहाल इस सिंडिकेट के चार माफि’या की गिर’फ्तारी से बिहार में शराब त’स्करी के क’मी आने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके अलावा बड़े स्तर पर शराब के नेटव’र्क का भी खु’लासा हो सकता है। यह गिरफ्तारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बिहार में सबसे अधिक हरियाणा की शराब की ही अवै’ध बिक्री होती है।

रैके’ट में शामिल हैं बिहार के पूर्व न’क्सली
पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, श’राब स’प्लायर अजीत सिंह हरियाणा का मुख्य श’राब कारोबारी है। वह पिछले 15 सालों से अजीत एंड कंपनी के नाम से श’राब का कारोबार कर रहा है। पानीपत में उसकी आठ श’राब की दुकानें भी हैं। इन्हीं दुकानों के लाइ’सेंस पर श’राब लेकर वह अवै’ध रूप से बिहार में भेजा करता था। इस रैकेट में पूर्व न’क्सली मुन्ना उर्फ मनोहर महतो, सुरेश कुमार सहनी और भूपी उर्फ भूपेंद्र आदि के नाम भी सामने आए हैं। कुछ त’स्करों को पहले ही प’कड़ा जा चुका है। सुरेश सहनी को मुजफ्फरपुर के मीनापुर से जबकि भूपेंद्र उर्फ भूपी को सोनीपत के गोहाना से प’कड़ा गया।
अब तक 100 करोड़ की शराब ख’पा चुका बिहार में
हरियाणा के पानीपत से प’कड़े गए श’राब के बड़े सप्लायर अजीत सिंह ने पूछताछ में कई रा’ज उगले हैं। सूत्रों के अनुसार, पिछले दो-ढाई सालों में उसने करीब 100 करोड़ की अवै’ध शराब बिहार में खपाई है। वह हर माह 15-20 ट्रक शराब बिहार के विभिन्न जिलों में भेजता था। एक ट्रक में 500 पेटी शराब आती है, जिसकी औसत कीमत 20-25 लाख रुपये आं’की जाती है। ऐसे में वह हर माह चार से पांच करोड़ की शराब बिहार भेजता था। इस तरह एक साल में औसत 50 से 60 करोड़ की शराब हरियाणा से अवै’ध रूप से बिहार लाई जा रही थी।














