पिरामल ने जिला स्वास्थ्य समिति को दिए 160 ऑक्सीमीटर

होम आइसोलेशन के मरीजों की अब बेहतर हो सकेगी निगरानी – डिवाइस से पता चलता है तापमान और ऑक्सीजन का स्तर

सीतामढ़ी। वैश्विक महामारी के दूसरी लहर की गंभीरता को देखते हुए कोरोना मरीज के ऑक्सीजन लेवल जांच में मदद मिल सके इसके लिए पिरामल स्वास्थ्य के द्वारा शनिवार को जिला स्वास्थ्य समिति में सिविल सर्जन डॉ राकेश चंद्र सहाय वर्मा को पिरामल स्वास्थ्य के जिला प्रतिनिधियो द्वारा 160 पल्स ऑक्सीमीटर दिया गया।

सिविल सर्जन डॉ वर्मा ने बताया हीट एप के द्वारा घर में रह रहे कोरोना मरीजों की तापमान एवं ऑक्सीजन लेवल की जांच आसान हो जाती है। इस दिशा में पिरामल स्वास्थ्य के द्वारा दिया गया ऑक्सीमीटर काफी हितकारी होगा। यह कोरोना संक्रमितों की गंभीरता को भी पहचानेगा। पिरामल स्वास्थ्य के इस प्रयास की डॉ वर्मा ने भूरी भूरी प्रशंसा की।

डिवाइस से ऑक्सीजन लेवल का चलता है पता
घर पर आइसोलेट रहनेवालों को इलाज का सही तरीका सुनिश्चित करने के लिए एम्स के डॉक्टरों ने ऑक्सीजन लेवल पर नजर रखने को कहा है। आम तौर पर कोविड-19 के मरीजों को हाइपोजेमिया की समस्या होती है। इसलिए खून में ऑक्सीजन का प्रतिशत मापने के लिए ऑक्सीमीटर उपयोगी साबित होता है।

ऑक्सीमीटर एक छोटा डिवाइस है जिसे थर्मामीटर की तरह घरों में रखा जा सकता है. डिवाइस को कोरोना के मरीजें की अंगुली, अंगूठा, कान पर क्लिप किया जा सकता है. ऑक्सीमीटर अगर 95 एसपीओ2से नीचे दिखाता है तो उसे लो और असामान्य माना जाता है. अगर यंत्र पर रीडिंग 93 एसपीओ2है और सांस लेने में कोई दुश्वारी भी नहीं है तो ऐसी स्थिति में डॉक्टरों की सलाह लेना जरूरी हो जाता है।

उक्त कार्यक्रम के दौरान सिविल सर्जन महोदय के साथ प्रभारी अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रविंद्र यादव डीपीएम अजीत रंजन पिरामल स्वास्थ्य के डीपीएम रवि रंजन कुमार एवं विजय शंकर पाठक मौजूद थे।

बेहतर ऑक्सीजन लेवल के लिए करें मकरासन
पेट के बल लेट जाएं और अपने दोनों हाथों को मोड़कर कोहनियों को जमीन पर टिकाएं.
– आरामदायक अवस्था के लिए अपनी ठुड्डी को अपनी दोनों हाथों की हथेलियों पर रखें.
– गहरी सांस लेते हुए अपने दाएं पैर को मोड़ें और फिर सांस को छोड़ते हुए इसे सीधा कर लें.
– इस प्रक्रिया को दूसरे पैर से भी इसी तरह दोहराएं.
– फिर कुछ मिनट बाद धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading