पटना हाईकोर्ट ने राज्य के सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी स्कूल में कॉमर्स विषय में शिक्षकों की बहाली के मामले पर गुरुवार को सुनवाई की। न्यायमूर्ति डॉ अनिल कुमार उपाध्याय की एकल पीठ ने मोहम्मद अफरोज व अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार को कॉमर्स विषय की रिक्तियों को 3 महीने के भीतर तय करके, छह महीने के भीतर स्वीकृति पड़े खाली जगहों को भरने का निर्देश दिया है।
STET की परीक्षा बाद में लेने का निर्देश
कोर्ट ने राज्य सरकार को तीन माह में कॉमर्स शिक्षकों की रिक्तियों को तय करने को कहा है। इसके बाद STET की परीक्षा लेने का निर्देश दिया है। साथ ही, बहाली की प्रक्रिया को हर हाल में 6 महीने के भीतर पूरा करने का आदेश दिया गया है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीनू कुमार और रितिक राणी ने बताया कि विज्ञापन संख्या पी आर/ 373/2019 के मामले में राज्य सरकार ने विगत 25 सितंबर, 2019 को ही उक्त स्कूलों में कॉमर्स शिक्षकों के पदों को भरने का निर्णय ले लिया था। इसके बावजूद STET परीक्षा के संचालन के लिए BSEB को रिक्विजिशन नहीं भेजा गया।
1,308 पद रिक्त
प्रदेश में सेकेंडरी व हॉयर सेकेंडरी स्कूल में कॉमर्स शिक्षकों के 1308 पद रिक्त हैं, जिसे राज्य सरकार ने अपने हलफनामा में स्वीकार किया है। कॉमर्स शिक्षकों के पदों को नहीं भरे जाने से शिक्षकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। अन्य विषयों में शिक्षकों की बहाली के लिए पिछले साल सितंबर महीने में STET की परीक्षा संचालित की गई थी। इसका रिजल्ट भी आ गया है।
राज्य सरकार ने अपने हलफनामा में सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी शिक्षकों के 1,308 स्वीकृति पड़े खाली पदों की बात को स्वीकार किया है। बोर्ड के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि बोर्ड ने कॉमर्स विषय के लिए परीक्षा का संचालन इसलिए नहीं किया है, क्योंकि इसके लिए सरकार की ओर से रिक्विजिशन नहीं भेजा गया।