पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में बहुत जल्द रोबोट ऑपरेशन करेगा। इसके लिए डॉक्टरों को ट्रेंड किया जाएगा, जिससे वह रोबोट को गाइड कर सकें। संस्थान में रोबोटिक सर्जरी के लिए यूनिट और OT बनाने की कवायद बहुत जल्द शुरू हो जाएगी। शनिवार को इसे लेकर एक वर्कशाप की गई। इसमें डॉक्टरों को रोबोटिक सर्जरी के बारे में विस्तार से बताया गया। इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. एनआर विश्वास ने दैनिक भास्कर को बताया कि संस्थान में जल्द ही एक रोबोटिक सर्जरी के लिए OT का निर्माण किया जाएगा। रोबोटिक सर्जरी की विशेष यूनिट बनाई जाएगी।
रोबोटिक यूनिट की स्थापना के बाद डॉक्टरों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग के बाद संस्थान के सभी विभाग में रोबोटिक सर्जरी से ऑपरेशन की व्यवस्था की जाएगी। निदेशक डॉ. एन आर विश्वास ने बताया कि आने वाले एक साल के अंदर IGIMS में रोबोटिक सर्जरी से ऑपरेशन की व्यवस्था कर दी जाएगी।
अब बिहार में रोबोट करेगा मोटापे का इलाज
सर्जिकल गस्ट्रो इंटरोलॉजी विभाग विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष मंडल का कहना है कि मोटापा के इलाज में रोबोटिक सर्जरी काफी कारगर है। बिहार में हर 10 में दो से तीन लोग मोटापे से पीड़ित हैं। अगर इस बीमारी और इसके इलाज पर ध्यान नहीं दिया गया तो बिहार में मोटापे की स्थति भयावह हो जाएगी। मोटापे के कारण लोग ब्लड प्रेशर, ब्ल’ड शुगर, थाइराइड, दमा और अन्य गंभीर बीमा’रियों से भी पीड़ि’त हैं।


डॉक्टरों को बताया गया रोबोटिक सर्जरी का फायदा
शनिवार को सर्जिकल गस्ट्रो इंटरोलॉजी विभाग द्वारा बैरियेटिक सर्जरी द्वारा मोटापा कम करने के लिए संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि बिहार में मोटापे की स्थिति आम और खास लोगों में लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में यह जरूरी था कि इस विषय में बिहार के चिकित्सकों को इस बीमारी के बारे में रोबोट सर्जरी द्वारा सर्जरी के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जाए।

अमेरिका के न्यूयार्क विश्वविद्यालय के मेडिकल कॉलेज में वरीय प्रध्यापक डॉ. शारिक नाजिर ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी द्वारा श्लीम गेस्ट्रेकटोमी विधि से ऑपरेशन करके कम समय में मोटापा को कम किया जा सकता है। इस ऑपरेशन के बाद मरीज का वजन घटता तो है ही साथ में उनका ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, थाइराइड, दमा जैसी बीमारी भी कंट्रोल हो जाती है।
