मुजफ्फरपुर में बाढ़-बारिश का असर:380 सड़काें पर घुटने तक पानी, 618 राेड टूटे; मरम्मत के लिए चाहिए 250 कराेड़

बाढ़ और तेज बारिश के कारण जिले में ग्रामीण से शहरी इलाकों तक में तबाही हुई है। विभागीय सर्वे के अनुसार ग्रामीण इलाके की 618 सड़कें टूट गई हैं। इसे सुगम यातायात के अनुकूल बनाने काे कराेड़ाें रुपए खर्च करने हाेंगे। फिलहाल जिले भर की 380 सड़कें पानी में डूबी हुई हैं। पारू, कटरा, औराई, सकरा और साहेबगंज में दर्जनों दर्जन सड़काें पर तीन-तीन फीट तक पानी बह रहा है। इन सड़काें पर बने गड्ढों के कारण चलना दूभर है। बाइक सवार हादसे का शिकार हाे रहे हैं। चारपहिया वाहनों काे भारी क्षति हाे रही है।

विभाग के मुख्यालय के निर्देश पर बाढ़ और बारिश से क्षतिग्रस्त सड़काें की मरम्मत के लिए ग्रामीण कार्य और पथ निर्माण विभाग ने सर्वे कराया है। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार क्षतिग्रस्त सड़काें की मरम्मत अथवा नए सिरे से निर्माण पर 250 कराेड़ रुपए से अधिक खर्च का अनुमान है। ग्रामीण कार्य प्रमंडल पूर्वी-2 के कार्यपालक अभियंता का दावा है कि उनके 5 प्रखंड इलाके की 42 सड़कें दुरुस्त की जा चुकी हैं। ग्रामीण कार्य प्रमंडल पूर्वी-1 के कार्यपालक अभियंता के क्षेत्र में 14 सड़काें की मरम्मत हाे जाने और 22 की मरम्मत हाे रही हाेने का दावा है। ग्रामीण कार्य प्रमंडल पश्चिमी के क्षेत्र की 56 सड़काें काे आवागमन लायक बनाया जा चुका है। तीन की मरम्मत जारी है।

यहां सड़काें की क्षति का आकलन हाेना बाकी

ग्रामीण कार्य प्रमंडल पश्चिमी
कांटी, मड़वन, माेतीपुर, पारू और साहेबगंज प्रखंड में 62 सड़कें पानी में डूबी हैं।

ग्रामीण कार्य प्रमंडल पूर्वी-2
औराई, बाेचहां, गायघाट, कटरा और मीनापुर प्रखंडों में 60 सड़काें पर घुटने से अधिक पानी का बहाव।

ग्रामीण कार्य प्रमंडल पूर्वी-1
बंदरा, मुराैल, सकरा, कुढ़नी, सरैया और मुशहरी प्रखंडों में 193 सड़काें पर जलजमाव।

जलजमाव के कारण हादसे हाेना आम

शहर में डूबी सड़काें पर रिक्शे, ऑटाे और बाइक पलटना आम है। पथ निर्माण प्रमंडल एक की 24 और आरसीडी-2 के अधीन 3 सड़कें क्षतिग्रस्त हाे चुकी हैं। इसमें दिघरा बटलर राेड, पुराना मोतिहारी राेड और सीहाे-बरियारपुर राेड का बुरा हाल है। आरसीडी के दरभंगा राेड में बाजार समिति के पास सड़क पर 200 मीटर लंबाई में घुटने भर से अधिक पानी बह रहा है।

इधर, पूर्व मेयर व नगर आयुक्त के विरुद्ध परिवाद

बजट में सुझाव लेने के बाद भी शहर में जलजमाव से निजात के लिए संप हाउस व नालों के बहाव काे सुचारू नहीं करने के आरोप में शनिवार काे सीजेएम काेर्ट में पूर्व मेयर सुरेश कुमार और नगर आयुक्त विवेक रंजन मैत्रेय के खिलाफ परिवाद दायर किया गया। इसमें सशक्त स्थाई समिति के सदस्यों काे भी आरोपी बनाया गया है। कन्हाैली अजरकबे के अशोक कुमार ने परिवाद दायर किया है। इसे ग्रहण के बिंदु पर सुनवाई के लिए रखा गया है।

एलएस काॅलेज प्राचार्य ने आईजी से कहा- ट्रैफिक संभालने को दंगा नियंत्रण बल करें तैनात, क्योंकि 5000 परीक्षार्थी करने लगते हैं हंगामा

भीषण जाम से परीक्षार्थियों को हो रही समस्या को देखते हुए शुक्रवार को एलएस कॉलेज प्राचार्य डॉ. ओपी राय ने आईजी को पत्र लिखा है। उनसे जाम से निबटने के लिए दंगा नियंत्रण दल उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा- एलएस कॉलेज कैंपस में बीएड सहित बीआरएबीयू की कई अन्य परीक्षाओं का सेंटर है। हर दिन 5000 से अधिक स्टूडेंट्स की परीक्षा हो रही है। टूटी सड़क और भारी जलजमाव व वाहन फंसने से भीषण जाम लगता है। भगदड़ मचती है। वैसे शनिवार को पुलिस बल तैनात रहने से आवागमन सामान्य रहा।

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