बगहा : रामनगर के दोन इलाके में स्थानीय लोगों ने शुरू किया सड़क निर्माण

बिहार के पश्चिमी चंपारण में एक ऐसी भी जगह है, जहां के लोग हर साल चार महीने बाकी दुनिया से कट जाते हैं। नजदीकी शहर बेतिया भी जाना इनके लिए लगभग असंभव हो जाता है। हर साल यह इलाका पूरे चार महीने तक टापू में तब्दील रहता है।

सरकार विकास के चाहे जितने भी वादे कर ले, लेकिन हकीकत यही है यहां के लोगों को आज तक एक सड़क भी नहीं मिल सकी है। वर्षों से यहां के लोग सड़क की मांग करते रहे हैं। लेकिन, उनकी कोईनहीं सुनने वाला।

अब तंग आकर यहां के लोगों ने खुद ही सड़क बनाने की ठान ली है। इतना ही नहीं, लोगों ने सड़क का निर्माण शुरू भी कर दिया है। इसमें स्थानीय लोग पूरी तन्मयता के साथ जुट चुके हैं।

स्थानीय लोगों बताया कि बरसात के मौसम में हमलोगों को यहां से निकलने के लिए ट्रैक्टर से ही जाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि बगहा के दोन क्षेत्र की दो पंचायतों में लगभग 35 हजार लोग रहते हैं। लेकिन, हमारी फिक्र करने वाला कोई नहीं।

सरकार के अधिकारी इस क्षेत्र में विकास करने के लिए नहीं पहुंचते हैं। हाल में ही आए बाढ़ से इस क्षेत्र की बहुत सारी सड़कें टूट गई । लोगों ने इसकी जानकारी बड़े अधिकारियों तक पहुंचाई, लेकिन अधिकारी देखने तक नहीं पहुंचे। इसके बाद हमलोगों ने खुद ही सड़क बनाना शुरू कर दिया है।

बताते चलें कि यह क्षेत्र माओवादी प्रभावित क्षेत्र है । क्षेत्र में यातायात और विकास की बात सरकार भले ही करती हो, लेकिन धरातल पर ऐसा कुछ नहीं दिख रहा है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading