मुजफ्फरपुर : परिवार की आर्थिक स्थिति, रहन-सहन की होगी पड़ताल, वायरल बुखार से बचाव के लिए होगा सोशल इकोनाॅमिक सर्वे

वायरल-माैसमी बुखार से बड़ी संख्या में बच्चाें के बीमार हाेने से मचे हड़कंप के बीच सरकार ने बच्चों की जान बचाने के लिए सोशल इकोनाॅमिक सर्वे कराने का निर्णय लिया है। इसका जिम्मा केयर इंडिया को सौंपा गया है। डीएम प्रणव कुमार ने बुधवार देर शाम सिविल सर्जन के माध्यम से केयर इंडिया को सोशल इकोनाॅमिक सर्वे कराने का निर्देश दिया।

सर्वे में यह देखा जाएगा कि किस क्षेत्र में और किस एज ग्रुप के बच्चाें काे यह ज्यादा आगाेश में ले रहा है। पिछले 8 दिनाें में कितने बच्चे बीमार हुए। इसके जरिए बीमार बच्चों की पारिवारिक, आर्थिक और सामाजिक स्थिति, घर का ढांचा, रहन-सहन और खानपान की भी पड़ताल की जाएगी। सीएस डॉ. विनय शर्मा ने बताया कि केयर इंडिया को तत्काल सर्वे शुरू करने के लिए कहा गया है।

इस सोशल इकोनाॅमिक सर्वे के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि बीमारी होने का कारण कुछ और तो नहीं है। सर्वे रिपोर्ट आने पर जिला प्रशासन और राज्य सरकार आगे की कार्रवाई करेगी। केयर इंडिया के जिला समन्वयक सौरभ तिवारी ने बताया कि इस बाबत पूरी तैयारी कर ली गई है।

बता दें कि पिछले कई दिनों से मुजफ्फरपुर जिले में बड़ी संख्या में वायरल फीवर से बच्चे बीमार हाेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। दैनिक भास्कर ने जब इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया ताे स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ सरकार भी हरकत में आई। स्थिति देख सरकार ने सोशल इकोनाॅमिक सर्वे कराने का निर्णय लिया है।

2018 में एईएस का प्रकोप बढ़ने पर हुआ था सर्वे

2018 में जिले में एईएस का प्रकोप अत्यधिक बढ़ने और बच्चों की बड़ी संख्या में मौत होने पर एसकेएमसीएच पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल इकोनाॅमिक सर्वे कराया था। उसमें गरीबी, अशिक्षा, कुपोषण, रहन-सहन में काफी कमी पाई गई थी। सर्वे के बाद एईएस प्रभावित मीनापुर, कांटी, मोतीपुर, मुशहरी व बोचहां प्रखंड में कुपोषण को दूर करने के लिए विशेष अभियान चला था।

वहीं, 310 विशेष आंगनबाड़ी केंद्र खाेले गए थे। पीड़ित परिवार को पक्का मकान बनाने और आर्थिक स्थिति से समृद्ध करने का निर्णय लिया गया था। इस बार वायरल फीवर फैलने पर सोशल इकोनाॅमिक सर्वे कराया जा रहा है।

वायरल फीवर से बचाव के लिए सोशियो इकोनाॅमिक सर्वे कराने का निर्देश दिया गया है। 3 दिनों में सर्वे कर रिपोर्ट मांगी गई है। फिलहाल जो बच्चे बीमार हैं उनका प्रोफाइल, उनके परिवार का प्रोफाइल, किन कारणों से बीमार हैं, किस एज ग्रुप और किस एरिया में अधिक बच्चे बीमार हुए हैं, उनका परिवारिक बैकग्राउंड और आर्थिक स्थिति क्या है, इसका सर्वे 3 दिनों में करने का निर्देश दिया गया है। बीमार का फैलाव बढ़े नहीं इसके लिए उनसे कनेक्टेड परिवार समेत पूरे जिले का भी सर्वे कराया जाएगा। -प्रणव कुमार,डीएम

बुखार पीड़ित 101 और बच्चे भर्ती 15 इंसेफेलाइटिस वार्ड में शिफ्ट

मुजफ्फरपुर|बच्चाें में वायरल बुखार व ब्रोंकाइटिस का प्रकाेप थम नहीं रहा है। बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी एसकेएमसीएच में दिन में 40 और देर रात में 30, केजरीवाल में 25 और सदर अस्पताल में 6 बच्चे भर्ती कराए गए। एसकेएमसीएच में भर्ती 8 बच्चों की हालत बुधवार शाम तक नाजुक बनी हुई थी। एसकेएमसीएच में देर रात 30 बच्चे अचानक पहुंचने पर हड़कंप मच गया। मामला पटना तक पहुंच गया। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के निर्देश पर 15 बच्चों को इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया।

डेंगू के दाे और मरीज मिले, जिले में 8 हाे गई संख्या

जिले में डेंगू मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। बुधवार को भी 2 नए मरीज मिले। इसके साथ ही जिले में इस सीजन में डेंगू मरीजों की संख्या 8 हो गई है।

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