नगर निगम हड़ताल की मांग पर चीफ जस्टिस ने सरकार को दिया चार सप्ताह का समय, बुधवार को हड़ताल समाप्त होने की उममीद
मुजफ्फरपुर। नगर निगम की चल रही हड़ताल को लेकर पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने पटना नगर विकास के प्रधान सचिव को चार सप्ताह के अंदर संघ की मांग पूरी करने का समय दिया है। इसके बाद अगर कोई निर्णय नहीं लिया गया तो कोर्ट उस पर अपना कार्रवाई करेगी। इसके बाद बुधवार को संघ की बैठक होगी। इसके बाद नगर निगम की चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त होने की उम्मीद की जारी है।

हालांकि संघ के 12 सूत्री मांगों में 11 सूत्री पर रविवार को सरकार केप्रतिनिधि एवं संघ के बीच आयोजित बैठक में सहमति बन गयी है। लेकिन दैनिक कामगारों की सेवा नियमित करने का मामला अटका हुआ है। संघ ने कर्मचारी को समान काम समान वेतन के मुताबिक 18000 से 21000 के बीच मासिक वेतन भुगतान करने की मांग कर रही है। बिहार के विभिन्न नगर निगम कार्यालय में लगभग 35 हजार कर्मचारी दैनिक कामगारों के रूप में सेवा दे रही है। वे गरीब तबके के लोग है। जो शहर के विभिन्न इलाकों में कूड़े कूचरे एवं नाल की सफाई कार्य के लिए तैनात है। वैसे लोगों को नगर निगम दैनिक कर्मियों के रूप में वेतन दे रही है।

बिहार लोकल बॉडीज इम्पलाईज फेडरेशन के महामंत्री अशोक कुमार सिंह ने मंगलवार को उक्त बातों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बुधवार को बिहार लोकल बॉडीज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैठक के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया जायेगा। विदित हो कि गत 7 सितम्बर से बिहार के लगभग 38 हजार नगर निगम कर्मी हड़ताल पर चल रहे है। इसमें मुजफ्फरपुर के 1600 कर्मचारी भी शामिल है।



