मुजफ्फरपुर। एमआईटी के इंजीनियरों ने नई तकनीक ईजाद की है। जिससे मकान बनाने में बेहिसाब खर्च कम करने के साथ्ज्ञ आसपास के वातावरण को इको फ्रेंडली बनाने की दिशा में इंजीनियरों को सफलता मिली है।
जिसके अंतर्गत मकान बनाने में गिट्टी का इस्तेमाल कम किया जा सकेगा। सिविल इंजीनियरिंग में पढ़ रहे छह छात्रों ने प्रोजेक्ट तैयार किया है। लैब में इस पर शोध पूरा हो गया है।

अब इसे कॉमर्शियल करने की तैयारी की जा रही है। छात्रों ने एमआईटी के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष प्रो.सीवी राय और प्रो.जिया हुसैन के दिशा-निर्देश में सारा प्रोजेक्ट पूरा किया है। इस प्रोजेक्ट को इंटरनेशनल रिसर्च जर्नल और सरकार को भी भेजने की तैयारी की जा रही है।
एमआईटी के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के हेड प्रो.सीवी राय ने बताया कि इस तकनीक से मकान बनाने में लोगों का खर्च कम हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट में छात्र गौरव कुमार, रवीश कुमार और राहुल कुमार सक्रिय भूमिका में रहे।
उन्होंने कहा कि कोई भी कंक्रीट गैस का उत्सर्जन करती है, लेकिन नई तकनीक से ग्रीन हाउस गैस का उत्सर्जन कम होगा। गिट्टी में ग्रीन हाउस गैस का उत्सर्जन अधिक होता है।
इसका इस्तेमाल कम होने से गैस कम निकलेगा और प्रदूषण कम होगा। इस नई तकनीक से मकान बनाने में सीमेंट, बालू व गिट्टी का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इस नई तकनीक से गिट्टी की मात्रा कम कर वेस्ट मेटेरियल का इस्तेमाल किया जाएगा। सौजन्य: हिन्दुस्तान