बिहार के पटना जिले में शराबबंदी को लेकर और सख्ती बरतने के जिला प्रशासन ने कड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। शराब की होम डिलीवरी कहां से हो रही है तथा कहां जा रही है, इसकी सूचना देने के लिए सोमवार से होमगार्ड के सौ जवान तैनात हो जाएंगे। शराबबंदी को लेकर पहली बार बड़े पैमाने पर इस कार्रवाई की तैयारी चल रही है। शराबबंदी के लिए तैनात किए गए होमगार्ड गांव और शहर में अपने स्तर से पता लगाएंगे कि शराब की बिक्री कैसे हो रही है। वे गांव-गांव और मोहल्लों में सादे लिबास में भ्रमण भी करेंगे। इसके बाद वह पियक्कड़ों व धंधेबाजों के बारे में खुफिया सूचना देंगे।
26 नवंबर को विश्व मद्य निषेध दिवस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि यदि पटना में शराबबंदी को पूर्णत: लागू कर दिया जाए तो प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसका सार्थक संदेश जाएगा। इसके बाद उत्पाद निबंधन और मद्य निषेध विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने पटना जिले के अधिकारियों के साथ बैठक कर एक्शन प्लान बनाने का निर्देश दिया था। इसी आलोक में डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने अधिकारियों के साथ मीटिंग कर इस विषय पर सुझाव मांगा था।
पटना के सभी अनुमंडल में एक टीम गठित कर दी गई है जो अनुमंडल पदाधिकारियों की निगरानी में है। एसडीओ और डीएसपी समय-समय पर बैठक कर अपने अपने क्षेत्र में शराबबंदी की समीक्षा करेंगे। किस थाना क्षेत्र में शराब की अधिक बिक्री होने की सूचना है, इस पर अधिकारी स्थानीय तौर पर ही बैठक कर निर्णय लेंगे। बताया गया कि जिला स्तर पर डीएम और एसएसपी सभी अनुमंडलों की समीक्षा करेंगे।
शराब की बिक्री, खरीद और भंडारण की सूचना देने वालों को जिला प्रशासन पुरस्कृत करेगा। इसके लिए लोगों को पांच सौ रुपये से एक हजार रुपये तक दिए जाएंगे। लोगों को पुरस्कृत करने के लिए इस मद में 10 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसमें पांच लाख रुपये मद्य निषेध विभाग के अधिकारियों तथा पांच लाख रुपये जिला पुलिस को दिये जाएंगे। यह राशि थानों के स्तर से दी जाएगी।
शहरी क्षेत्र में वाहनों की जांच के दौरान यदि ट्रैफिक पुलिस को किसी व्यक्ति को शराब पीने की आशंका दिखेगी तो वह ब्रेथ एनलाइजर से जांच करेंगे। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस को दो सौ ब्रेथ एनलाइजर दिये जाएंगे। इसे पुलिस की मोबाइल टीम को भी दिया जाएगा।
