मुजफ्फरपुर। आई हॉस्पिटल पर प्राथ’मिकी दर्ज होने के बद पहली बार नगर डी’एसपी रामनरेश पासवान व ब्रह्मपुरा थानाध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता एसकेएमसीएच पहुंचकर मरीजों से पूछ’ताछ कर उनका ब’यान दर्ज किया।
नगर डी’एसपी के अनुसार पीड़ि’त मरीजों का बयान लिया गया है। जांच अधिकारी इसे के’स डायरी में अंकित करेंगे।

इस दौरान भरत पासवान ने बताया कि बड़े अरमान से आंख का आपरेशन कराया कि रोशनी लौटेगी।
जिस आंख से दिखता था वह संक्रमण से निकालनी पड़ी। पांव चल जाए तो कोई बात नहीं, लेकिन आंख चली गई अब जीवन व परिवार को कैसे चला पाएंगे?
पन्ना देवी ने बताया कि आपरेशन के बाद आंख में दर्द होने लगा। दो दिन बाद मवाद व पानी गिरने लगा।
परेशानी बढ़ी तो यहां आईं। इसके बाद आंख निकालनी पड़ी। मालूम हो कि मुजफ्फरपुर आई हास्पिटल में 22 नवंबर को 65 मरीजों का मोतियाबिंद का आपरेशन हुआ था।
इनमें अबतक 15 मरीजों की एक-एक आंख निकालनी पड़ी है। 12 पीड़ितों का एसकेएमसीएच में उपचार चल रहा है। वहीं, 16 मरीजों को आइजीआइएमएस पटना भेजा गया है।

