छपरा : शादी के 8 साल बाद भी बच्चा नहीं होने पर ससुराल वालों ने विवाहिता की गला घों’ट कर ह’त्या कर दी। घटना छपरा के नगर थाना क्षेत्र के आर्य नगर मोहल्ला की है। यहां गोल्डी देवी का श’व उनके कमरे से बरामद किया गया। मृ’तक के मायके वालों का आरोप है कि ससुराल वालों ने गोल्डी की ह’त्या इसलिए कर दी क्योंकि उस पर आ’रोप लगाया जा रहा था कि वह बच्चा पैदा करने में अक्षम साबित हो रही है, जबकि शादी के 8 साल बीत चुके थे। ससुराल वाले उसे बांझ कहके प्र’ताड़ित भी करते थे जिससे गोल्डी परेशान चल चल रही थी। इस मामले में गोल्डी के मायके वालों ने ससुराल वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
दर्ज करवाई गई प्राथमिकी में मृतक गोल्डी के पति मोनू को भी आरोपी बनाया गया है। घ’टना के बाद पति समेत तमाम ससुराल वाले फरार है जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। गोल्डी के श’व का पो’स्टमार्टम छपरा सदर अस्पताल में कराया गया। मृ’तक महिला के भाई विक्की गुप्ता ने बताया कि गोल्डी बच्चा नहीं होने को लेकर काफी परेशान थी क्योंकि ससुराल के लोग अक्सर उसे ताना मारा करते थे।
मायके वालों ने बताया कि गोल्डी द्वारा प्र’ताड़ना की शिकायत भी की जाती थी, लेकिन लोक लाज के डर से यह बात घर से बाहर नहीं जाती थी। गुरुवार को उन्हें उसके म’रने की खबर मिली। जब वह लोग घर पहुंचे तो सभी ससुराल वाले फरार थे, जिसके बाद नगर थाना को शिकायत देकर प्राथमिकी दर्ज कराई गई। एसपी संतोष कुमार ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है और मामले की छानबीन की जा रही है।
गौरतलब है कि समाज में आज भी बां’झपन इस अभि’शाप से कम नहीं जबकि ऐसे मामलों में कई बार महिलाएं दो’षी नहीं होतीं, लेकिन समाज में महिलाओं को प्र’ताड़ित किया जाता है।
इनफर्टिलिटी विशेषज्ञ सिम्मी जायसवाल बताती हैं कि बां’झपन का इलाज पूरी तरह संभव है और इसके साथ ही कई अन्य माध्यम भी हैं, जिसके जरिए दंपती बच्चा पैदा कर सकते हैं। समाज में जागरूकता की कमी के चलते लोग इलाज के बजाए एक दूसरे पर दो’षारोपण करते हैं और घ’रेलू माहौल बि’गड़ता है।