मुजफ्फरपुर। शहर के सदर अस्पताल में दोबारा से चालू नशा मुक्ति केंद्र में नशा सेवन करने वाले नशेड़ियों का नि:शुल्क इलाज करने के साथ काउंसलिंग भी होगा।
इस केंद्र में नशा सेवन करने वाले एक मरीज को दवा दी गई। सीएस डॉ. विनय कुमार शर्मा के अनुसार अब नियमित नशा मुक्ति केंद्र संचालित होगा।
वे खुद इसकी निगरानी भी करेंगे। नशा वाले मरीज यदि यहां पर आएंगे तो उनका नि:शुल्क इलाज कर दवा भी दी जाएगी। इसके लिए रोस्टर लिए जारी किया गया है।
नशा मुक्ति केंद्र के संचालन के लिए मेडिसिन विभाग के डा.एसके पांडेय तथा डा.गौरव कुमार की पदस्थापना की है।
इसके साथ वहां पर कक्ष सेवक हरिकेश यादव, किरण वर्मा, कामिनी कुमारी, शुभम शर्मा, ब्रजेश कुमार पांडेय, इरफान को रोस्टर के हिसाब से सुबह आठ बजे से लेकर सुबह आठ बजे तक अपनी सेवा देंगे।
काउंसलिंग का दायित्व श्वेता कुमारी को सौंपा गया है। एएनएम संजू कुमारी को प्रभारी बनाया गया है। वह सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक वहां पर कार्य पर उपस्थित रहेंगी।

नशामुक्ति केंद्र में 20 बेड की व्यवस्था है। बताया जाता है कि नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना 1 अप्रैल 2016 को हुई थी। उस समय पूरे तामझाम से उसका आगाज हुआ। यहां पर चिकित्सक की तैनाती का 24 घंटे का रोस्टर बना। जरूरी दवा को रखा गया। आउटडोर पर स्मैक, चरस, अफीम के लती लोग आकर इलाज कराते थे।
शराब का लत छुड़ाने के लिए भी स्वजन यहां पर लाकर भर्ती कराते रहे। यह सेंटर 10 जुलाई 2020 तक चला। इस बीच 713 मरीजों का इलाज हुआ। जिसमें भर्ती 50 लोग हुए। उनका इलाज किया गया। लेकिन जब से सेंटर बंद हो गया उसके बाद से यहां पर मरीज का आना बंद हो गया।
