मुजफ्फरपुर। नगर निगम में कई क्षेत्रों को शामिल किया गया है, इससे शहर की तस्वीर बदल जाएगी। यानि लंबे इंतजार के बाद ग्रेटर मुजफ्फरपुर का सपना साकार हो गया है। इसके लिए सरकार ने नगर निगम क्षेत्र के विस्तार की मंजूरी दे दी।
अब शहर से सटे मुशहरी और कांटी प्रखंड के 16 पंचायतों की 47 गांवों का पूर्ण और आंशिक भाग निगम में शामिल हो गया है। विस्तार के बाद अब वार्डो का नए सिरे से परिसीमन होगा और वार्डो की संख्या 49 से बढ़कर 72 हो सकती है। निगम क्षेत्र के विस्तार का प्रस्ताव पहली बार मई 2006 में सरकार को भेजा गया था।
जुलाई 2008 में निगम सशक्त स्थायी समिति एवं निगम बोर्ड ने प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की थी। शहरी परिवेश का रूप धारण करने के बाद भी शहर की सीमा से बाहर रहने वाले सीमावर्ती क्षेत्रों को शामिल कर ‘ग्रेटर मुजफ्फरपुर बनाने का निर्णय वर्ष 2006 में लिया गया था। सरकार ने भी इस तरह का प्रस्ताव सभी शहरी निकायों से मांगा था।
बताया जाता है कि कांटी और मुशहरी अंचल के 42 गांवों से 20.945 वर्ग किमी क्षेत्र एवं 97 हजार की आबादी ग्रेटर मुजफ्फरपुर में शामिल किया गया है।
शहर से सटे कांटी अंचल के दादर कोल्हुआ, पैगंबरपुर कोल्हुआ, सदातपुर, बैरिया, दामोदरपुर, चकमुरमुर, फतेहपुर, मुरादपुर, चैनपुर तथा मुशहरी अंचल के सिकंदरपुर, चकगाजी, सहबाजपुर सलेम, मुरादपुर दुल्लाह, अहियापुर, गणेशपुर, शेखपुर, नाजीरपुर, चंदवारा, चकमोहब्बत, बारा जगन्नाथ, राघोपुर,
मझौली धर्मदाश, शेखपुर उर्फ नारायणपुर अनंत, शेरपुर, रतवारा, गन्नीपुर, मोहम्मदपुर काजी, भिखनपुर डीह, चंदवारा, चक मोहब्बत, बड़ा जगन्नाथ, राधोपुर, मझौली धर्मदास, कोठिया दाखिली, रोहुआ अपूछ, धरहर छपड़ा, भगवानपुर, एवं गोबरसही शामिल है।
महापौर राकेश कुमार अनुसार निगम क्षेत्र के विस्तार से निगम के साथ-साथ लोगों को भी लाभ मिलेगा। एक तरफ जहां निगम के राजस्व में वृद्धि होगी वहीं शहरी स्वरूप ले चुके इलाके के लोगों को निगम की सेवाओं का लाभ मिल पाएगा। वहीं उप महापौर मानमर्दन शुक्ला के अनुसार निगम क्षेत्र के विस्तार से सबको लाभ मिलेगा। शामिल होने वाले इलाके को निगम की सुविधाएं उपलब्ध होगी।


