कोरोना के खतरे के बीच आज से यानी मंगलवार से बिहार बोर्ड की इंटरमीडिएट की परीक्षा 2022 शुरू हो चुकी है। राज्य के 38 जिलों में बनाए गए 1,471 सेंटर पर कुल 13 लाख 45 हजार 939 स्टूडेंट्स एग्जाम दे रहे हैं। कोरोना से सुरक्षा के साथ नकल विहीन परीक्षा कराने को लेकर बोर्ड ने विशेष तैयारी की है। हालांकि, कुछ परीक्षा केंद्रों के गेट पर सैनिटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था बढ़ती भीड़ के साथ ही समाप्त हो गई। कई सेंटरों पर तो एग्जाम शुरू होने से दो घंटे पहले ही परीक्षार्थी पहुंच गए थे।
परीक्षार्थियों के साथ बड़ी संख्या में अभिभावक भी नजर आए। परीक्षा में प्रवेश करने से पहले वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट का उतना महत्व नहीं दिखा। कुछ छात्र ही वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट लेकर आए थे, जिसे देखकर बाहर फेंक दिया गया। एग्जाम सेंटर पहुंचे छात्रों ने बताया, ‘ऑनलाइन पढ़ाई होने के कारण हमारे सिलेबस पूरे नहीं हुए हैं। उसके बावजूद हम लोग परीक्षा देने आए हैं, जैसे तैसे परीक्षा देंगे और पास तो कर ही जाएंगे।’ छात्र नीरज ने बताया, ‘जैसे-तैसे पढ़ाई हो पाई है, लेकिन पढ़ाई की है तो ठीक से परीक्षा दे देंगे।’ वहीं, छात्र सुधांशु ने बताया, ‘ऑनलाइन की वजह से सिलेबस पूरा नहीं हो सका है, फिर भी परीक्षा देने जा रहे हैं।’


मिलर हाई स्कूल सेंटर पर गेट खुलवाने की कोशिश करता परीक्षार्थी।

पटना में अपना सीट ढूंढते छात्र।

इंटर परीक्षा में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम हैं।
DM और SP को दिया गया नकल विहीन परीक्षा का टास्क
बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनन्द किशोर का कहना है कि पारदर्शी, कदाचारमुक्त और कड़ाई के साथ परीक्षा कराने को लेकर बोर्ड संकल्पित है। इसी कड़ी में राज्य के सभी जिलों के DM, SP तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवश्यक निदेश दिया गया है। उन्हें जिलाें में परीक्षा केंद्रों पर खुद भ्रमण करने का निर्देश दिया गया है। उन्हें यह सुनिश्चित कराना होगा कि परीक्षा केन्द्रों पर किसी भी अनधिकृत व्यक्ति का प्रवेश नहीं हो रहा है। साथ ही 200 मीटर की परिधि में धारा 144 लगाने को कहा गया है, जिससे भीड़ नहीं होने पाए। परीक्षा में कड़ाई से कोई भी समझौता नहीं करने को कहा गया है।

मुजफ्फरपुर में एग्जाम देने से पहले कतार में खड़ी इंटर की छात्राएं।
सेंटर पर त्रिस्तरीय मजिस्ट्रेट की तैनाती
परीक्षा में व्यवस्था जोनल, सब जोनल तथा सुपर जोनल स्तर पर की गई है। साथ ही परीक्षा केन्द्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और पदाधिकारी भी प्रतिनियुक्त किए गए हैं। परीक्षा केन्द्र में प्रवेश के समय परीक्षार्थियों की गेट पर तलाशी ली जाएगी। इसके अतिरिक्त हर 25 परीक्षार्थी पर प्रतिनियुक्त एक वीक्षक प्रत्येक पाली की परीक्षा शुरू होने के पूर्व इस आशय का घोषणा पत्र देंगे कि उनके प्रभार के अन्तर्गत 25 परीक्षार्थियों की जांच उनके द्वारा की गई है, उनके पास कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं पाई गई है। सूचनाओं के तत्काल आदान-प्रदान तथा उस पर एक्शन के लिए समिति द्वारा ‘BSEB Exam 2022’ नाम से एक ‘WhatsApp Group’ बनाया गया है, जिसमें सभी जिला पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी के साथ-साथ समिति के पदाधिकारी जुड़े हैं।

गया में परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद छात्र।
जानिए, पहले दिन का एग्जाम
एक फरवरी से आयोजित परीक्षा में इंटरमीडिएट की प्रथम पाली (09:30 बजे सुबह से 12:45 बजे दोपहर तक) में विज्ञान एवं कला संकाय के विद्यार्थियों के लिए गणित विषय की परीक्षा होगी। इसमें सम्मिलित होने के लिए राज्य में कुल 4,52,810 परीक्षार्थियों ने ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भरा है। इसी प्रकार , द्वितीय पाली (1:45 बजे दोपहर से 5:00 बजे शाम तक ) में कला संकाय के विद्यार्थियों के लिए हिन्दी विषय की परीक्षा होगी। इसमें सम्मिलित होने के लिए कुल 6,88,833 परीक्षार्थियों ने ऑनलाइन फॉर्म भरा है। द्वितीय पाली में ही Vocational Course के हिन्द (Old & New Pattern) विषय की भी परीक्षा होगी।


रोहतास में इंटर परीक्षा देने जाती छात्राएं।
पटना में 84 सेंटर पर होगी इंटर परीक्षा
बिहार बोर्ड का कहना है कि पटना जिले में इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2022 के लिए कुल 84 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। पटना सहित प्रत्येक जिले में 4 मॉडल परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। जहां परीक्षार्थी छात्राएं होंगी। इसके साथ ही इन केन्द्रों पर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी, वीक्षक सहित सभी सुरक्षाकर्मी भी महिलाएं ही होंगी।
पटना जिला में बनाए गए 4 मॉडल परीक्षा केन्द्रों में राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, बांकीपुर , राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, शास्त्री नगर, जेडी वीमेन्स कॉलेज, और राजकीय बालिका उच्च विद्यालय, गर्दनीबाग शामिल है।