अगर आप कोरोना से संक्रमित हो गए और ठीक हुए 3 माह से कम समय हुआ तो वैक्सीनेशन नहीं कराएं। प्रिकॉशन डोज को लेकर चल रही कंफ्यूजन को दूर करने को लेकर बिहार सरकार ने सभी जिलों को आदेश जारी कर दिया है। इसमें सामान्य लोगों के प्रिकॉशन डोज से लेकर कोरोना संक्रमितों के लिए भी गाइडलाइन है।
स्वास्थ्य विभाग के अपर निदेशक व राज्य प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. नागेंद्र कुमार सिन्हा ने राज्य के सभी सिविल सर्जन और प्रतिरक्षण पदाधिकारियों को जारी आदेश में केंद्र सरकार द्वारा तय की गई नई गाइडलाइन का आदेश दिया है।
अपर निदेशक ने कहा है कि अब नई गाइडलाइन के हिसाब से ही कोरोना का वैक्सीनेशन कराया जाएगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार राज्य में 3 जनवरी से 15 से 18 साल के बच्चों का वैक्सीनेशन हो रहा है। जबकि 10 जनवरी से फ्रंटलाइन और हेल्थ वर्करों के साथ 60 प्लस के कोमारविड को प्रिकॉशन डोज दिया जा रहा है। आदेश है कि प्रिकॉशन डोज वैक्सीन की दूसरी डोज से 39 सप्ताह यानी 9 माह पूरा होने पर ही दिए जाने का नियम है।
बिहार में संक्रमितों के संक्रमण को लेकर बड़ा कंफ्यूजन
बिहार में कोरोना संक्रमण के बाद वैक्सीन कब लगाया जाना है, इसे लेकर बड़ा कंफ्यूजन है। स्वास्थ्य विभाग के अपर निदेशक का कहना है कि जिले में इसे लेकर बड़ा कंफ्यूजन चल रहा था, इसे अब दूर किया गया है। राज्य के विभिन्न जिलों और स्रोतो से से निरंतर सूचना प्राप्त हो रही है कि लोगों में बड़ा कंफ्यूजन है। जिलों से सूचना मिल रही है कि कोविड संक्रमण से संक्रमित होने के बाद कितने दिनों के अंतराल पर कोविड का टीका दिया जाएगा, स्वास्थ्य विभाग व आम लोगों के कंफ्यूजन को दूर करने को लेकर ही आदेश जारी किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को जारी आदेश में कहा है कि इस गाइडलाइन के आधार पर ही वैक्सीनेशन कराया जाएगा।
यह है वैक्सीनेशन की नई गाइडलाइन
राष्ट्रीय कोविड टीकाकरण कार्यक्रम के तहत एहतियाती खुराक की प्राथमिकता को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सचिव एव निदेशक विकास शील ने आदेश में कहा कि सामान्य लोगों के लिए 9 माह व 39 सप्ताह के बाद प्रिकॉशन डोज दी जाएगी। जबकि कोविड बीमारी से ग्रसित पात्र व्यक्तियों को प्रिकॉशन डोज की खुराक ठीक होने के 3 माह बाद दिया जाएगा। ऐसा मार्गदर्शन वैज्ञानिक साक्ष्य और एनटीएजीई की सिफारिश पर आधारित है। कहा गया है कि कोरोना की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव होने के बाद संबंधित व्यक्ति को SARS-2 COVID-19 संक्रमण साबित होने के बाद एहतियाती खुराक सहित सभी कोविड टीकाकरण को ठीक होने के 3 महीने बाद लगाया जाएगा। केंद्र सरकार ने भी इस गाइडलाइन पर राज्य में वैक्सीनेशन की प्रिकॉशन डोज लगाने को कहा है।
