बिहार : अब और महंगा होगा डॉक्टर बनना, जानें….

बिहार के प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में नीट यूजी-2021 के माध्यम से एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स को अधिक फीस देनी होगी। प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों ने डेढ़ से ढाई लाख रुपये तक फीस बढ़ा दी है। सत्र 2020 में कटिहार मेडिकल कॉलेज की फीस 12.38 लाख रुपये सालाना थी।

Delhi doctor hires fraud to work on his behalf at LNJP Hospital, pays Rs  2,000 per day as salary | Delhi News

लेकिन वर्ष 2021 में बीसीइसीइबी को सौंपे फीस स्ट्रक्चर के अनुसार इस कॉलेज की फीस 14.55 लाख रुपये सालाना हो गयी है। वहीं, सत्र 2020 में नारायण मेडिकल कॉलेज, सासाराम की फीस 15.51 लाख रुपये थी, लेकिन इस बार स्टूडेंट्स को 17.24 लाख रुपये देने होंगे। माता गुजरी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, किशनगंज की फीस 2020 में 12.48 लाख रुपये थी, लेकिन इस बार 13.88 लाख रुपये सालाना देने होंगे।

मधुबनी मेडिकल कॉलेज की फीस 13.50 लाख रुपये है, लेकिन इसके बाद भी स्टूडेंट्स को तीन लाख रुपये हॉस्टल चार्ज, एक लाख रुपये सर्विस चार्ज देना होगा। कुल मिला कर स्टूडेंट्स को 18.50 लाख रुपये देने होंगे।  एनएसआइटी ने फीस में कमी कर दी है।

इस बार नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज, पटना ने 20 लाख रुपये सालाना फीस रखी है। पिछले वर्ष की फीस 21.50 लाख रुपये थी। लॉर्ड बुद्धा कोसी मेडिकल कॉलेज, सहरसा ने फीस में मात्र एक हजार रुपये की वृद्धि की है. सत्र 2020 में 15.23 लाख रुपये फीस थी।

वहीं, सत्र 2021 में 15.24 लाख रुपये फीस स्टूडेंट्स को देनी होगी। नये खुले आरडीजेएम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, मुजफ्फरपुर की फीस 18 लाख रुपये रखी गयी है। हालांकि, इस कॉलेज ने यह फीस राज्य सरकार को प्रस्तावित करने के लिए भेजी है, लेकिन एडमिशन के दौरान कॉलेज ने स्टूडेंट्स को 10 लाख रुपये देने के कहा है। फीस प्रस्तावित होने के बाद शेष राशि स्टूडेंट्स को देनी होगी। सरजुग डेंटल कॉलेज, दरभंगा की फीस 2020 में 4.16 लाख रुपये थी, लेकिन इस बार स्टूडेंट्स को 5.09 लाख रुपये सालाना देने होंगे।

सरकारी मेडिकल कॉलेज की फीस में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों की फीस अलग-अलग है। सबसे कम फीस एसकेएमसीएच, मुजफ्फरपुर की है, जहां 9800 रुपये एडमिशन के दौरान देने होंगे। पीएमसीएच में एडमिशन फीस 6100, एक्सट्रा एक्टिविटी के चार हजार रुपये और सिक्योरिटी मनी (रिफंडेबल) 10 हजार रुपये है। एनएमसीएच की फीस 11,100 रुपये है। सरकारी में सबसे अधिक फीस आइजीआइएमएस की है, जहां एडमिशन के दौरान 1,21,667 रुपये देने होंगे। इसके साथ ही यहां की ट्यूशन फीस भी अन्य सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों से अधिक है।

यहां सालाना ट्यूशन फीस 70 हजार रुपये है। जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज, मधेपुरा की फीस 29,340 रुपये और डीएमसीएच की फीस 26,340 रुपये एडमिशन के दौरान है। यह फीस एक साल के लिए है। इसके बाद बाकी सभी सरकारी कॉलेजों में एमबीबीएस की वार्षिक फीस काफी कम है. वहीं, इएसआइसी कॉलेज, बिहटा में कोटे के तहत एडमिशन लेने वालों की फीस 49 हजार सालाना है।  ऑल इंडिया व स्टेट कोटा वाले स्टूडेंट्स को एडमिशन के लिए 1.25 लाख रुपये फीस देनी होगी।

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