सुपौल : के’स दर्ज कर जांच करने और उसके पीछे समय ब’र्बाद करने से बचने के लिए पुलिस ने नायाब तरीका निकाला है। बिहार के सुपौल जिले की पुलिस अब विभिन्न मामलों में पंचायती करने लगी है। मामला रुपयों के लेन-देन का हो, कोई आपसी विवाद, प्रेम प्रसंग या आ’परधिक, ऐसे मामलों में होने वाली पंचायत में इन दिनों पुलिस अहम भूमिका निभा रही है।

ऐसा आए दिन विभिन्न थाना क्षेत्रों में हो रहा है। ऐसे कई उदाहरण सामने आ चुके हैं। ताजा प्रकरण सदर थाना से जुड़ा हुआ है। एक घटना को लेकर पुलिस की मौजूदगी में होने वाले लेन-देन का वीडियो सामने आया है। हिन्दुस्तान वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

हालांकि वीडियो में सदर थाना के थानेदार जरूर दिख रहे हैं। पैसे की लेन-देन के बाद वह सभी पक्षों को शांत रहकर संयम बरतने की नसीहत भी दे रहे हैं।

निजी अस्पताल में आए दिन मौतें हो रही हैं। हर जगह और हर मामले में द’बंग, दलाल और पुलिस की मि’लीभगत से मामला दब जाता है। हेसे में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के पास शि’कायत भी नहीं पहुंचती है।

शुक्रवार को भी यही हुआ। अस्पताल में पंचायत करने के लिए मृतक के गांव के कई गणमान्य, कुछ स्थानीय लोग, बिचौलिया और पुलिस एक साथ बैठी।

पंचायती में किसी ने इलाज का पैसा वापस करने की पहल कर दी। फिर क्या था, अस्पताल प्रबंधन ने दवा और जांच में खर्च हुए लगभग 30 हजार रुपये काटकर 40 हजार रुपये मृतक के परिजनों को लौटा दिए। यह राशि पुलिस के सामने दी गई और पुलिस ने अपने सामने ही नोटों को गिनवाया भी। इस बीच परिजन उनके साथ हुई मारपीट की शिकायत करते रह गए लेकिन पुलिस उसे अनसुनी करती रही।
