पटना : देवाधिदेव महादेव की पूजा आराधना का महापर्व महाशिवरात्रि एक मार्च को है। राजधानी के शिव मंदिरों में इसकी तैयारी शुरू हो गयी है। उस दिन शहर में 12 ज्योतिर्लिंग की झांकी निकलेगी। साथ ही प्रमुख शिवालयों में महारूद्राभिषेक, पंचामृत अभिषेक व विभिन्न पूजन संस्कार होंगे। पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर में महाशिवरात्रि के दिन महारूद्राभिषेक की बुकिंग फुल हो गयी है। भगवान शिव व माता पर्वती के विवाह उत्सव को ही महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष महाशिवरात्रि पर दो शुभ संयोग बन रहे हैं।

12 ज्योतिर्लिंग की झांकी की तैयारी अंतिम चरण में है। श्री महाशिवरात्रि महोत्सव शोभा यात्रा अभिनंदन समिति के सदस्य गुंजन सिंह राजपूत ने बताया कि कुल 24 झांकी निकाली जायेगी। 22 झांकी लगभग तैयार है। फाल्गुन मास की महाशिवरात्रि का विशेष महत्व : दैवज्ञ डाॅ श्रीपति त्रिपाठी के अनुसार 28 फरवरी सोमवार को चतुर्दशी तिथि रात्रि एक बजकर 59 मिनट से शुरू होकर मंगलवार को रात्रि 12.17 तक है। शिवरात्रि की पूजा चार पहर में की जाती है। पंडित विनय कुमार ने बताया कि व्रत अविवाहित लड़कियों के लिए फलदायी होता है।

पटना स्थित बेली रोड खाजपुरा में महाशिवरात्रि महोत्सव में पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। इसके सफल व सुचारु संचालन और विधि व्यवस्था बनाये रखने के लिए पटना के डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह और वरीय पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो द्वारा अधिकारियों व पूजा समिति के सदस्यों के साथ बैठक की गयी।

इस अवसर पर भीड़ के कुशल प्रबंधन के लिए कार्यक्रम स्थल तथा अन्य संवेदनशील स्थलों की पहचान कर पर्याप्त संख्या में मजिस्ट्रेट, पुलिस पदाधिकारी व पुलिस बल की तैनाती करने तथा जगह-जगह पर सीसीटीवी कैमरे लगा कर सुरक्षा की सुदृढ़ व्यवस्था करने का सख्त निर्देश दिया गया है।

विभिन्न थाना क्षेत्र से निकलने वाली झांकियों की समुचित मॉनीटरिंग करने की जवाबदेही उस क्षेत्र के थानाध्यक्ष को दी गयी है। इसके अतिरिक्त कलश यात्रा की भी समुचित पेट्रोलिंग कर कार्यक्रम स्थल पर कुशलतापूर्वक लाने तथा भीड़ को नियंत्रित करने का निर्देश दिया गया है।

पूजा स्थल तथा उसके रूट पर होने वाली भीड़ को ध्यान में रखते हुए यातायात की सुचारु एवं सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक को दिया गया है।

कंट्रोल रूम, चिकित्सा शिविर, कोविड प्रोटोकॉल का पालन, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, अग्नि शमन, साफ-सफाई आदि की समुचित व्यवस्था पूजा समिति के सदस्यों के साथ समन्वय स्थापित कर सुनिश्चित कराने का निर्देश डीएम ने दिया है। 