बिहार में हवाई अड्डों के विकास को लेकर एक साथ कई स्तर पर सक्रियता दिखने लगी है। कुछ ही दिनों राज्य सरकार के मुख्य सचिव ने केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्रालय को पत्र लिखते हुए पटना जिले के बिहटा में नए एयरपोर्ट का निर्माण अविलंब शुरू करने का आग्रह किया था।

बिहटा में फिलहाल वायु सेना की हवाई पट्टी है। इस हवाई पट्टी को विस्तार देते हुए इसे पटना के लोकनायक जय प्रकाश नारायण एयरपोर्ट के विकल्प के रूप में पेश किए जाने की योजना है।

इसी के साथ राज्य में दरभंगा और गया एयरपोर्ट के विकास पर भी चर्चा तेज हो गई है। साथ ही, पूर्णिया और भागलपुर में एयरपोर्ट के लिए भू-अर्जन की समस्या पर पटना हाई कोर्ट ने रिपोर्ट मांगी है।

पटना हाई कोर्ट ने राज्य के सभी हवाईअड्डों के निर्माण एवं विस्तार में आ रही समस्यायों को गंभीरता से लेते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार को तुरंत समाधान निकालने का आदेश दिया है।

मुख्य न्यायाधीश संजय करोल एवं न्यायाधीश एस कुमार की खंडपीठ ने गौरव कुमार सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए गया, पटना, दरभंगा, पूर्णिया समेत अन्य हवाईअड्डों के विस्तार की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद होगी।

खंडपीठ ने संबंधित जिलों के डीएम को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्र के हवाईअड्डे के निर्माण एवं विस्तार के लिए भू-अर्जन प्रक्रिया को देखें और समाधान निकालें।

यह भी कहा कि दिक्कतों को कोर्ट के संज्ञान में लाएं। अदालत ने एयरपोर्ट आथरिटी आफ इंडिया से पूछा कि बिहार में विभिन्न जिलों में स्थित हवाई अड्डे के निर्माण एवं विस्तार में तेजी लाने के लिए क्या-क्या किया जा रहा है।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सुमित कुमार सिंह ने कोर्ट को बताया कि भू-अर्जन से संबधित समस्या पटना स्थित बिहटा एयरपोर्ट, दरभंगा, पूर्णिया और भागलपुर में भी आ रही है।