मुजफ्फरपुर। वूमेन पालीटेक्निक बेला की छात्राओं ने एडवांस एडवांस चश्मा का माडल तैयार किया है। ड्राइङ्क्षवग के दौरान पांच सेकेंड तक अगर आपकी आंखें बंद रहीं तो गाड़ी अपने आप रुक जाएगी। इससे दुर्घटना से बच सकेंगे।

एमआइटी में आयोजित नेशनल साइंस डे प्रोग्राम में मिनी माडल और प्रोजेक्ट कंपीटिशन में राजकीय पालीटेक्निक की छात्रा व सिद्धार्थ केशरी इनोवेशन हब की रोशनी भारती और खुशी कुमारी की माडल ने टाप दो में जगह प्राप्त किया है। 2019-22 सत्र के पांचवीं सेमेस्टर की छात्रा रोशनी भारती और खुशी कुमारी ने मिलकर यह माडल तैयार किया है।

नेशनलिस्ट एंड पेट्रोकेमिकल इंजीनियर सिद्धार्थ केशरी के निर्देशन में सफलता पाई है। उन्होंने बताया कि चश्मा साधारण ग्लास से बनता है । इसका नाम एडवांस ड्राइविंग चश्मा दिया गया है। तकनीकी यंत्र लगाकर ड्राइविंग चश्मा तैयार किया गया है।
इसके यंत्र को गाड़ी के इंजन से जोड़ देना है और चश्मा लगाकर ड्राइविंगकरने से सुरक्षित यात्रा कर सकते हैं। इसमें पांच, दस सेकेंड या समय बढ़ा भी सकते हैं। कभी-कभी ऐसा होता है कि ड्राइविंग के दौरान नींद आ जाती है । ऐसी स्थिति में आपकी आंख अगर बंद हो जाती है तो गाड़ी स्वत: रुक जाएगी और दुर्घटना होने से बच सकेंगे ।
एडवांस ड्राइविंग चश्मा तीन शर्तों पर काम करती है। इसमें अल्कोहल डिटेक्टर सेंसर भी लगा हुआ है। अगर आप यह चश्मा नहीं पहनते हैं तो आपकी गाड़ी चालू नहीं हो सकती है। अगर आप शराब पीए हैं तो ड्राइविंग सीट पर चश्मा लगाकर बैठने के बाद गाड़ी स्टार्ट होकर बंद हो जाएगा।
गाड़ी चलाते समय गलती से अगर नींद आ गई तो वह तुरंत रुक जाएगी और आपको जगा भी देगी, चश्मा में बजर भी लगा हुआ है। निर्णायक मंडल में प्रो. पवन कुमार, डा.मिथिलेश कुमार राय, प्रो. हेमंत चौधरी व प्रो. श्वेता कुमारी आदि शामिल थे।


