मुजफ्फरपुर। गर्मी की धमक के साथ एईएस (एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम) से बचाव के लिए हर स्तर पर पहल चल रही है। स्कूली बच्चे इस साल बचाव के लिए जागरूकता में मदद करेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी स्कूलों के प्राचार्यों को पत्र भेजा है।
जिला वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी सह एईएस के नोडल पदाधिकारी डा.सतीश कुमार ने बताया कि प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को प्रत्येक दिन प्रार्थना के बाद एईएस के लक्षण व बचाव की जो शपथ दिलाई जाएगी।
स्कूली बच्चे अपने घर के आसपास के बच्चों को भी एईएस के बारे में जागरूक करेंगे। अभिभावक को भी एईएस के लक्षण व बचाव के बारे में जानकारी देंगे। उनको एक फार्मेट दिया जाएगा, जिसपर बच्चे अपने अभिभावक से हस्ताक्षर कराकर लाएंगे।
सिविल सर्जन डा. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि सभी पीएचसी प्रभारी को वार्ड के साथ दवा रखने का निर्देश दिया गया है। इस बीमारी के कारण का पता अब तक नहीं चला है। इसलिए लक्षण के आधार पर इलाज होता है। जो आवश्यक दवाएं हैं वह पीएचसी से लेकर सदर अस्पताल तक उपलब्ध रहेंगी।
सिविल सर्जन ने कहा कि बचाव को लेकर एक वाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा। ग्रूप में सदर अस्पताल, पीकू वार्ड और सभी पीएचसी के एईएस वार्ड में तैनात चिकित्सक, एएनएम रात 10 बजे और तीन बजे सुबह में लाइव लोकेशन शेयर करेंगे। रोस्टर के हिसाब से चिकित्सक के मोबाइल पर कंट्रोल रूम से काल जाएगा। पीएचसी में नए व पुराने मरीज के बारे में जानकारी देनी होगी। गर्मी की रफ्तार तेज होने के बाद हर स्तर पर निगरानी बढ़ जाएगी।



